– आम्रपाली योजना में रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी के घर वारदात का पर्दाफाश, माल बरामद, पड़ोसियों ने ही डाली थी डकैती
– 6 टीमें लगी थीं खुलासे के लिए, दो की तलाश में दबिश

लखनऊ।  काकोरी के आम्रपाली योजना में रहने वाले रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी हरिकृष्ण वर्मा के घर डकैती उनके पड़ोसियों ने ही डाली थी। वारदात की साजिश आठ बदमाशों ने मिलकर रची थी। सभी पड़ोस में ही रहकर काम धंधा करते थे। बुधवार को सुबह पुलिस ने चार डकैतों को जॉगर्स पार्क के पास से गिरफ्तार कर लूट का सामान बरामद किया था। वहीं, काकोरी के दुबग्गा में देर रात पुलिस व डकैतों की मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से हुई फायरिंग में दो डकैत रियाज अहमद उर्फ राजू और महेंद्र चौरसिया घायल हो गए। जबकि काकोरी थाने का एक सिपाही भी घायल हुआ है। मुठभेड़ काकोरी पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने की। खुलासे के लिए छह टीमों को लगाया गया था। मुठभेड़ की सूचना पर पुलिस कमिश्नर दुबग्गा पहुंचे। पुलिस टीम को बधाई दी और 25 हजार का नकद इनाम दिया।

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि हत्थे चढ़े आरोपियों में सआदतगंज नौबस्ता त्रिवेणीगंज का सुमित कोरी, बसंत कुंज दुबग्गा का इरफान खान, बरावनकला काकोरी का विजय लोधी और आम्रपाली योजना निवासी सैयद अरशद अली उर्फ मास्टर है। जबकि आम्रपाली योजना निवासी रियाज अहमद और नौबस्ता सआदतगंज का महेंद्र चौरसिया उर्फ मोहित मुठभेड़ में धरे गए। वहीं, मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के अजय प्रकाश त्रिपाठी की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीतापुर के मुकेश और लड्डू की तलाश पुलिस कर रही है।

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आम्रपाली योजना से लेकर हरदोई रोड, आईआईएम रोड, ठाकुरगंज सहित करीब एक दर्जन संभावित रास्तों के 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इसमें एक संदिग्ध स्कूटी वारदात के कुछ देर बाद पीड़ित के घर से कुछ दूर जाकर फिर वापस दूसरी गली में जाती दिखी। इलाके के एक पानवाले ने स्कूटी की पहचान की और पुलिस ने वारदात की मुखबिरी करने वाले विजय राजपूत को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने पूरा सच उगल दिया। वारदात के बाद पैदल निकले थे दो बदमाश संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी ने बताया, आठ बदमाशों में पांच ही हरिकृष्ण के घर गए। एक दरवाजे पर खड़ा था। चार बदमाश घर में दाखिल हुए और हरिकृष्ण, उनकी पत्नी धानमति व बेटे को बंधक बनाकर लूटपाट की। इसके बाद तीन बदमाश सफेद स्कूटी पर बैठकर निकले। दो बदमाश वहां से पैदल कुछ दूर तक गए, फिर वापस आकर घरों में चले गए। इस दौरान सभी घरों में पड़े रहे। दूसरे दिन एक-एक कर चार बदमाश वहां से निकल गए।

वीडियो कॉलिंग कर जेवरात की कराई शिनाख्त
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि बरामद माल की शिनाख्त के लिए हरिकृष्ण व उनके बेटे को कार्यालय बुलाया। हरिकृष्ण के बेटे से व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग करवाकर धानमति से जेवरात की शिनाख्त कराई। पुलिस ने बदमाशों के पास से 6560 रुपये के सिक्के, 8198 नकद, एक हार, चार चूड़ी व बिछिया बरामद की। खुलासा करने वाली टीम को कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम दिया।

काम बंद था, सीमेंट कारोबारी होने की सूचना पर की लूट
हत्थे चढ़े बदमाशों में सुमित कुमार वीजा पासपोर्ट बनवाने का काम करता है। वहीं, इरफान आलमारी बनाने का काम। मुखबिरी करने वाला विजय लोधी ओला कैब चालक है। चौथा बदमाश सैयद अरशद अली घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाता हैं। वहीं, फरार आरोपियों में जिसे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। रियाज अहमद उर्फ राजू ट्रैवेल एजेंट हैं। महेंद्र चौरसिया भी लेडीज सूट बेचता है। पूछताछ में बदमाशों ने कुबूला कि साहब क्या करते ढाई महीने से सारे काम बंद थे। लॉकडाउन के दौरान विजय को किसी ने बताया कि हरिकृष्ण वर्मा सीमेंट का बड़ा कारोबारी है। मोटी रकम के लालच में आकर रेकी करने के बाद वारदात अंजाम दी थी। महेंद्र ने हजरतगंज में 2012 में एक लूट की वारदात की थी। वहीं, मुकेश भी कई बार जेल जा चुका है। वारदात में इस्तेमाल तमंचा रियाज अहमद ने उन्नाव निवासी बाबू से खरीदा था। पुलिस राजू की तलाश कर रही है।

ये दो बदमाश हैं फरार
फरार बदमाशों में सीतापुर निवासी मुकेश व लड्डू हैं। मुकेश भी पूर्व में लूट समेत अन्य घटनाएं कर चुके हैं।

सचिवालयकर्मी के कॉलोनी के ही थे तीन बदमाश, डकैती डाल स्कूटी से भागे
पकड़े गए बदमाशों में इरफान, विजय और सैय्यद अरशद रिटायर्ड सचिवालय कर्मी के कॉलोनी के ही निकले। तीनों बदमाश फरार रियाज उर्फ राजू की स्कूटी से भागे थे। राजू भी घटनास्थल से 400 मीटर की दूरी पर ही रहता है। एक बदमाश का भागते समय चेहरा खुल गया और वह कैमरे में कैद हो गया, जिससे पुलिस को लीड मिल गई। राजफाश में छह टीमें लगी थीं।

सीमेंट का बड़ा कारोबारी बातकर की मुखबिरी
फरार बदमाश रियाज ने विजय को बताया था कि हरिकृष्ण वर्मा सीमेंट के बड़े कारोबारी है, लेकिन डकैती के बाद जब सभी बदमाशों को पता चला कि रियाज की सूचना सही नहीं थी तो उससे मनमिटाव भी हो गया।

ये था मामला
दुबग्गा की आम्रपाली योजना निवासी सचिवालय से सेवानिवृत हरिकृष्ण वर्मा पत्नी धानमती, बेटे अभिषेक, ऐश्वर्य के साथ रहते हैं। रविवार को दिनदहाड़े अचानक डोर बेल बजी। अभिषेक के गेट खोलते ही दो नकाबपोश बदमाश उसे असलहे के बल पर बंधक बना कर अंदर ले गए। सभी को मकान के एक कमरे में घंटेभर तक बंधक बनाकर रखा। सभी कैमरों में अलमारी, सूटकेस समेत अन्य जगह पर रखा एक-एक सामान खंगाला। डाका डालने के बाद बदमाश आसानी से फरार हो गए।

क्या कहते हैं पुलिस कमिश्नर?
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक, छह बदमाशों को गिरफ्तार करने में टीम की अहम भूमिका है। जिनमें दो रात में एनकाउंटर के दौरान पकड़े गए हैं। सीसी फुटेज से बदमाश चिन्हित भी हो गए हैं। दोनों फरार बदमाश भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। वारदात का राजफाश करने वाली टीम को 50 हजार का इनाम व प्रशस्ति पत्र दिया गया है।

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