लखनऊ। उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग के गठन का फैसला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में करने के बाद शाम को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवगठित आयोग की पहली बैठक बुलाई। बैठक में सीएम योगी ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्देश दिया जो जल्द ही कामगारों व श्रमिकों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराने के बारे में सुझाव देगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर बुलाई गई इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आयोग का गठन कामगारों व श्रमिकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित करना है जिससे उन्हेंं उनकी योग्यता व क्षमता के अनुरूप काम मिल सके। उन्होंने कहा कि आयोग की बैठक हर महीने होगी। आयोग की राज्य स्तरीय कार्यकारी परिषद की बैठक हर 15 दिन में और जिला स्तरीय समिति की बैठक हर हफ्ते होगी। आयोग के इस त्रिस्तरीय ढांचे में उन्होंने हर स्तर पर नियमित मॉनीटरिंग पर जोर दिया। कहा कि इसके जरिए ही हम आयोग के उद्देश्य की पूर्ति कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना आपदा के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक प्रदेश में वापस आए हैं जिनमें से 34 लाख श्रमिकों की स्किल मैपिंग की गई है और उन्हेंं उनकी क्षमता व योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। मनरेगा के तहत 57 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिलाया गया है। विभिन्न उद्योगों में लगभग 40 लाख लोगों को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। विभागों के बीच कन्वर्जंस के जरिए 20 लाख श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहले से रहने वाले कामगारों श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम किया जाए जिससे भविष्य में उन्हेंं भी रोजगार मुहैया कराया जा सके। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चंद्र व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल भी मौजूद थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.