नई दिल्ली। सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाली संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation यानी EPFO) ने विभिन्न दावों के तेज निपटारे के लिए मल्टी-लोकेशन क्लेम सैटलमेंट सुविधा शुरू की है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नई व्‍यवस्‍था के तहत दावा निपटान के लिए भौगोलिक क्षेत्राधिकार की मौजूदा व्यवस्था बदल दी गई है। नई व्‍यवस्‍था के तहत ईपीएफओ के किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से कहीं के भी और किसी भी तरह के दावे का भुगतान हो सकेगा। मालूम हो कि EPFO अपने 135 क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए 65 लाख पेंशनर्स को पेंशन देता है। EPFO के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कोरोना संकट के चलते तमाम दिक्कतों के बावजूद मई, 2020 की पेंशन राशि को प्रोसेस किया है ताकि पेंशनर्स को तय शिड्यूल के मुताबिक पेंशन मिलने में कोई परेशानी ना हो। यही नहीं पहली अप्रैल 2020 से ईपीएफओ के अधिकारी हर कार्य दिवस पर 2,70,000 रुपये की राशि के 80 हजार से अधिक दावों का निपटान कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि मल्टी-लोकेशन क्लेम सुविधा के साथ ईपीएफओ अपने छह करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए तैयार है।

जारी बयान में कहा गया कि इस नई पहल के तहत भविष्य निधि, पेंशन फंड, आंशिक निकासी एवं अन्य दावों और दावा स्थानांतरण संबंधी सभी तरह के ऑनलाइन आवेदनों की अब प्रोसेसिंग कहीं से भी हो सकेगी। इससे दावों के भुगतान में लगने वाला समय कम हो जाएगा जिससे खाताधारकों को बड़ी सहूलियत होगी। रिपोर्ट के मुता‍बिक, कोरोना संकट ने ईपीएफओ के 135 क्षेत्रीय कार्यालयों में कामकाज को प्रभावित किया है। इसकी वजह से विभिन्‍न तरह के दावों का निपटान प्रभावित हुआ है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण मुंबई, ठाणे, हरियाणा और चेन्नई क्षेत्र में कई कार्यालय सीमित कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं जबकि दावों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे इन कार्यालयों में लंबित दावों की संख्या काफी अधिक हो गई है जिसके चलते उनके निपटान में देरी हो रही है। ऐसे में दावा निवटान से संबंधित काम को सभी कार्यालयों में समान रूप से बांट देने से देरी में कमी आएगी। इन्‍हीं वजहों के चलते भौगोलिक क्षेत्राधिकार की मौजूदा व्यवस्था बदली गई है जिससे काफी सहूलियत होगी।

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