नवीन निगम
आज प्राइम पर रिलीज हुई गुलाबो सिताबो देखी, शुजीत सरकार द्वारा निर्देशित यह फिल्म शायद इस साल की सबसे बेहतरीन फिल्म साबित हो, ऐसा मेरा मानना है। फिल्म लखनऊ के लोगों को जरुर देखनी चाहिए क्योंकि इसमें लखनऊ की वो सारी जगह है जिन्हें आपने हमेशा आते जाते देखा होगा। कहानी दमदार है खुलासा करना इसलिए ठीक नहीं है क्योंकि फिर फिल्म देखने का मजा जाता रहेगा। अमिताभ बच्चन ने बता दिया कि आखिर वो सुपरस्टार क्यों कहे जाते है। मेरा मानना है कि अगर कोई अच्छा डायरेक्टर अमिताभ को थोड़ा सा भी अच्छा रोल पकड़ा दे तो वो झट से उसे आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा देते है। मिर्जा के रोल में भी अमिताभ अपनी लम्बाई को बाधा नहीं बनने देते है, वह अपनी झुकी हुई कमर के साथ लम्बी टांगों का इस्तेमाल इस प्रकार करते है कि आप मिर्जा के अंदर छुपे अमिताभ को पहचान ही नहीं पाएंगे। फिल्म की कहानी दिलचस्प है इसलिए आप जब भी फिल्म देखने की सोचे तब पूरी फिल्म एकसाथ देखे नहीं तो क्रम टूटने से फिल्म बे मजा हो सकती है। फिल्म की एक खास बात हम लोगों के भी है क्योंकि इस फिल्म में अपने पुराने साथी और लखनऊ के बेहतरीन फोटोग्राफर त्रिलोचन एस कालरा भी है जिन्होने सिन्हा साहब का रोल अदा किया है। फिल्म का खराब पक्ष है कि आधी फिल्म के बाद संवाद आगे भागने लगते है मतलब डबिंग खराब हो जाती है। इससे फिल्म देखने में अड़चन पैदा हैती है। अाखिर में बस इतना कि लखनऊ वालों को तो फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। क्योंकि फिल्म का टाइटल ही गुलाबो सिताबो नहीं है फिल्म में अपने बचपन की गुलाबो सिताबो का करतब भी दिखाया गया है।

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