lalji-tandonराजनाथ सिंह के लखनऊ से चुनाव लडऩे के बाद लालजी टंडन को भाजपा हाई कमान ने जल्द ही राज्य सभा भेजने की ठंडाई पिला दी है। वह इसी में मगन हैं। वैसे भी बाबू जी की हैसियत विधानसभा चुनाव में भाजपा हाईकमान ने आंक ली थी। एक बार उपचुनाव में उनकी छोडी़ सीट कांगेस के पास चली गई थी। दूसरी बार उनके सुपुत्र गोपाल टंडन सपा के अभिषेक मिश्र के मुकाबले तीसरे स्थान पर रहे थे। गौर तलब है कि टंडन जी ने सत्ता की मलाई भी खूब खाई है। कभी बहन जी के भाई बन कर तो कभी नगर का विकास करवा कर। जब नगर विकास मंत्री थे तब उन्होंने तत्कालीन मेयर डॉ. एस एसी राय को काम ही न करने दिया। प्रक्रिया से पहली बार भारी बहुमत से चुने गए मेयर डॉ. एस राय की छवि न सिर्फ एक कुशल सर्जन की रही है बल्कि समाजसेवा में उनका अभूतपूर्व योगदान रहा है। टंडन जी की सीट तो इस बार निकलनी भी नहीं थी। राजनाथ के नाम पर बाबू जी ने थोड़ा फटफटा कर अपनी इज्जत तो बचा ही ली।

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