कोरोना संकट के बीच विवाहेत्तर संबंध बनाने के आरोप में एक महिला और पुरुष को सरेआम सौ कोड़े मारने की सजा देने को लेकर इंडोनेशिया आलोचनाओं का सामना कर रहा है। हालांकि, इंडोनेशियाई अपराध शाखा ने रविवार को सफाई दी कि सजा पर अमल के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सभी एहतियाती उपायों पर अमल किया गया। दोषियों को मास्क पहनाकर कोड़े मारे गए। कोड़े बरसाने से पहले उनकी थर्मल जांच कर देखा गया कि वे कोरोना से मिलते-जुलते लक्षणों से तो नहीं जूझ रहे।

इंडोनेशिया के आसेह में शुक्रवार को एक युवक और एक युवती को विवाहेत्तर संबंध बनाने का दोषी करार देते हुए शरीया कानून के तहत सौ कोड़े मारने की सजा दी गई थी। सजा पर अमल के दौरान भारी संख्या में लोग युवक-युवती को कोड़े खाते देखने पहुंचे थे। अपराध शाखा के प्रमुख ऑगस केलना के पुत्र ने कहा, भीड़ में शामिल लोग मास्क पहने हुए थे। उन्हें सर्दी-जुकाम, बुखार जैसे लक्षणों की जांच के बाद ही घटनास्थल पर प्रवेश की इजाजत दी गई थी।

इधर, भारत में कोरोना और लॉकडाउन के चलते लगभग ढाई महीने से बंद धार्मिक स्थल, रेस्तरां, होटल और शॉपिंग मॉल आज (सोमवार) से खुलने जा रहे हैं, लेकिन सब पहले जैसा नहीं होगा। पूजा-पाठ, रेस्तरां में खाना खाने और मॉल में शॉपिंग करने के तरीके बदल जाएंगे। नियमों के साथ आपकों यहां जाने की अनुमति दी जाएगी। सभी राज्यों ने अपनी-अपनी तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि, आठ जून को वैष्णो देवी और बांके बिहारी मंदिर नहीं खुलेगा। अभी इन्हें लोगों के लिए खोलने का निर्देश नहीं दिया गया है। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मस्थान और हरिद्वार के मंदिर आदि खुल जाएंगे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.