अनलॉक-1 में उत्तर प्रदेश सरकार सोमवार से जनता को और भी रियायतें देने जा रही है। इनका उपयोग बेहद सतर्कता व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए करना होगा। आज से धार्मिक स्थल के साथ साथ शॉपिंग मॉल, होटल व रेस्तरां तो खुलेंगे ही, सरकारी दफ्तर भी पूरी तरह खुल जाएंगे। हालांकि अधिक कंटेनमेंट जोन वाले शहरों व जिलों में फिलहाल इन्हें खोले जाने पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। प्रदेश सरकार ने वहां के जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार दे दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शनिवार रात निर्देश लेकर सभी डीएम व एसपी ने अपने-अपने जिलों में नई व्यवस्था लागू करने की रणनीति बनाई है। सीएम ने साफ कर दिया है कि अनलॉक का मतलब स्वतंत्रता नहीं है। इस लिहाज से शासन व प्रशासन कहीं भीड़ एकत्र न होने को लेकर सतर्क है । सोमवार से यह भी देखा जाएगा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों व मुख्य सचिव द्वारा लागू गाइडलाइंस का पालन हो रहा है या नहीं। कंटेनमेंट जोन से बाहर के धर्मस्थलों, शॉपिंग मॉल, होटल व रेस्तरां को खोलने के बाबत डीएम स्थानीय हालात के मद्देनजर निर्णय ले रहे हैं।

विंध्याचल और बांके बिहारी के दर्शन अभी नहीं
प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के बाद भी सोमवार से प्रदेश के कई धर्मस्थल नहीं खुल पाएंगे। नहीं खुलने वाले धर्मस्थलों में मिर्जापुर का मां विंध्यवासिनी धाम, मथुरा का बांकेबिहारी मंदिर, लखनऊ की आसिफी मस्जिद शमिल हैं। बाराबंकी में देवा शरीफ दरगाह भी 24 जून से पहले नहीं खुलेगी। हालांकि सोमवार से अयोध्या के मंदिर और मंगलवार से काशी विश्वनाथ मंदिर शासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। कानपुर, मेरठ और आगरा आदि अधिक कंटेनमेंट जोन वाले शहरों में जिला प्रशासन और धर्मस्थल प्रबंधकों ने 8 जून से धर्मस्थलों को न खोलने का निर्णय किया है। लखनऊ और आसपास के जिलों में बड़े धर्मस्थलों को खोलने की तैयारी है। बरेली में सभी नाथ मंदिरों में सीमित संख्या में ही प्रवेश हो सकेगा। बरेलवी मसलक की तमाम मस्जिदों,खानकाहों में इबादत की तैयारी है।

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