चिकित्सा शिक्षा विभाग ने ट्रूनट मशीनों को खरीदने के लिए प्रदेश सरकार को भेजे प्रस्ताव में बताया है कि मेडिकल कालेजों में इमरजेंसी सेवा शुरू हो गई है। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी, मरीज के गंभीर रोग का ऑपरेशन में मरीज के कोरोना पॉजिटिव व निगेटिव होने की शीघ्र जानकारी ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की टीम और पैरामेडिकल स्टाफ के पास होनी चाहिए।

ट्रूनट मशीन से कोरोना संक्रमण होने न या तुरंत जानकारी मिलने के बाद मरीज का ऑपरेशन किया जा सकता है। ये मशीनें एक बार में चार मरीज की जांच रिपोर्टें निकाल सकती हैं। एक ट्रूनट मशीन की कीमत 13 लाख 44 हजार है। 42 ट्रूनट मशीनों पर उसके साथ आवश्यक किट के साथ करीब छह करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

सात ट्रूनट मशीनें पीजीआई, लखनऊ को 42 में से सात ट्रूनट मशीनें लखनऊ के एसजीपीजीआई को मिलेंगी। बाकी 35 में से दो-दो केजीएमयू और सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय और लखनऊ के डा. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्था को मिलेंगी। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, प्रयागराज, झांसी,गोरखपुर, बहराइच, व फिरोजाबाद मेडिकल कालेज को भी दो-दो ट्रूनट मशीनें मिलेंगी।

व्यापकता जानने को होगा एलाइजा टेस्ट 
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने एलाइजा टेस्ट से हॉटस्पॉट इलाकों में रहने वाले लोगों में कोरोना संक्रमंण की व्यापकता का अनुमान लगाने की इजाजत दे दी है। अभी इस टेस्ट को 10 जिलों में प्रयोग में लाया जा रहा है। अभी इसके परिणाम आने बाकी हैं। यह जानकारी चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना अवनीश अवस्थी के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में दी। एलाइजा टेस्ट से किसी व्यक्ति के रक्त की जांच कर यह पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति में एंटीबॉडी हैं या नहीं।

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