कोरोना वायरस लॉकडाउन का भारत में सबसे बुरा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है। यह मजदूर अपने गांव छोड़कर दूसरे शहरों में काम के लिए आए थे। कोरोना वायरस की वजह से वह शहरों में फंस गए। इनके पास ना काम है और ना खाना। ऐसे में यह मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं। इन मजूदरों की मदद के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद आगे आए हैं। सोनू सूद की इस मदद की हर कोई तारीफ कर रहा है। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने भी प्रवासी मजदूरों की मदद करने के लिए सोनू सूद को सैल्यूट किया है।

बॉलीवुड की फिल्मों आमतौर पर विलेन का रोल निभाने वाले सोनू सूद रियल लाइफ के असली हीरो हैं। इस मुश्किल घड़ी में सोनू आगे बढ़कर मजूदरों और प्रवासियों की मदद करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

सोनू सूद की इस मदद को देखते हुए शिखर धवन ने ट्वीट किया है- आपके शानदार प्रयासों के लिए सोनू सूद को एक बड़ा सैल्यूट। आप इस कोशिश में लगे हैं कि सुनिश्चित हो कि प्रवासी मजूदर अपने घरों तक पहुंच गए हैं।

हाल ही में सोनू सूद ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ”इस बात ने मेरी रातों की नींद उड़ा कर रख दी,  जब मैंने अपने गांवों तक पहुँचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर लोगों को देखा।”

ऐसे समय में जब लोग सामाजिक दूरी को अपना रहे हैं और अपने-अपने घरों में रह रहे हैं। ऐसे में सोनू सूद आंशिक तालाबंदी के बीच कई राज्य सरकारों से विशेष स्वीकृति प्राप्त करने के बाद दिहाड़ी प्रवासी मजदूरों के लिए कई बसों की व्यवस्था करने में व्यस्त हैं। कोरोना वायरस हामारी का मुकाबला करने के लिए देश के साथ लड़ाई में सोनू सूदस साथ निभा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सोनू कम से कम 45,000 लोगों को भोजन और किराने का सामान भी उपलब्ध करवा रहे हैं, जो आंशिक लॉकडाउन के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

बता दें कि देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। सोमवार को करीब सात हजार नए मामले सामने आए और आंकड़ा 1,38,845 तक पहुंच गया। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली में लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है, इसकी वजह से बीते दो दिनों में कुल मामलों में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, सिर्फ 15 दिनों में 70 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इससे पहले 68 हजार मामलों को सामने आने में जहां 100 दिन लगे थे।

महाराष्ट्र-तमिलनाडु में 12 दिनों में मामले दोगुने हो गए तो वहीं, दिल्ली में 14 दिन जबकि बिहार में सिर्फ सात ही दिन लगे। बिहार में औसतन 10.67 फीसदी की गति से नए केस सामने आ रहे हैं, जो सर्वाधिक हैं। गुजरात और उत्तर प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। यहां मामले दोगुने होने में 18 दिन का समय लग रहा है।

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