विभिन्न विपक्षी दलों के नेता देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के पलायन और पैदल ही घर जाने जैसे मुद्दों पर शुक्रवार को चर्चा करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार दोपहर यह बैठक बुलाई है जिसमें विपक्ष के करीब 20 नेता वीडियो कांफ्रेंसिंग से शामिल हो सकते हैं।

विपक्ष के नेता प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे कुछ राज्यों में श्रम कानूनों में किए गए बदलाव पर भी बात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि वे लोग आर्थिक पैकेज के मुद्दे पर चर्चा करेंगे और करोड़ों प्रवासियों के खाते में सीधे धन नहीं भेजे जाने पर आपत्ति जताएंगे। लॉकडाउन के कारण यह तबका सबसे ज्यादा प्रभावित है। आर्थिक ठहराव के कारण इनसे रोजगार छिन चुका है। प्रवासी कामगारों के पास न तो पैसा रहा न ही भोजन रह गया और सरकार ने उनके लिए कुछ भी नहीं किया।

चर्चा में 17 विपक्षी पार्टियां होंगी शामिल

सूत्रों ने बताया कि करीब 17 विपक्षी पार्टियों ने बैठक में भाग लेने की सहमति जता दी है। वे किसानों को पेश आ रही मुश्किलों पर भी ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भाग लेने की पुष्टि नहीं की है। बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि वह बैठक में शामिल होंगी। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी पुष्टि की है। कांग्रेस प्रमुख ने व्यक्तिगत रूप से कई विपक्षी नेताओं को फोन कर संयुक्त रणनीति तैयार करने में उनका सहयोग मांगा था।

ये पार्टियां हो सकती हैं शामिल

शुक्रवार की दोपहर तीन बजे बुलाई गई इस मीटिंग के बारे में लेफ्ट के एक सीनियर नेता का कहना था कि इसमें कोविड-19 के चलते देश में बने हालात से लेकर देश के राजनैतिक हालात व इकोनामी की बदहाली तक पर चर्चा होगी। कहा जा रहा है कि इसमें एनसीपी, डीएमके, आरजेडी, लेफ्ट, शिवसेना, नेशनल कॉन्फ्रेंस, टीडीपी, टीएमसी, आईयूएमएल, लोकतांत्रिक जनता दल, आरएलडी, आरएलएसपी जैसे दल भाग ले सकते हैं।

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