उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा है कि रेड जोन में शामिल जिलों के जिलाधिकारी कोविड-19 संक्रमण रोकने के लिए स्वविवेक से अतिरिक्त फैसले लेने के लिए अधिकृत हैं। प्रदेश में आगरा, मेरठ, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर तथा गाजियाबाद के नगरीय क्षेत्र रेड जोन में शामिल किए गए हैं।

प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा है कि जिन जिलों में पिछले 21 दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के कोई पुष्ट केस नहीं होंगे वह जनपद खुद की ग्रीन जोन में आ जाएंगे। इसके अलावा जो जिले रेड अथवा ग्रीन जोन में वर्गीकृत नहीं हैं उन्हें आरेंज जोन माना जाएगा। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने उपरोक्त पांच जिलों को रेड जोन में वर्गीकृत करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

बता दें कि बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर नगर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ व नोएडा के नगरीय क्षेत्रों को रेड जोन घोषित किया था। प्रदेश सरकार ने वहां की संक्रमण की स्थिति का आकलन केन्द्र सरकार की लॉकडाउन 4.0 में रेड, ऑरेन्ज व ग्रीन जोन निर्धारित करने की गाइडलाइन के आधार पर किया। सरकार का यह निर्देश 18 मई से लेकर 31 मई तक लॉकडाउन 4.0 खत्म होने तक जारी रहेगा।

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को यह आदेश जारी करते हुए कहा था कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर रेड, ऑरेन्ज व ग्रीन जोन निर्धारित करने छह मानक तय किए गए हैं। उन जिलों को गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा जहां कुल एक्टिव केस 200 हों, एक्टिव केस प्रति लाख के हिसाब से 15 हों। 14 दिन में हर हफ्ते के हिसाब से वहां संक्रमित मामले दोगुने हो रहे हों। मृत्यु दर छह फीसदी या उससे ज्यादा हो। प्रति लाख की आबादी पर केवल 65 लोगों की टेस्टिंग हो रही हो। जांच के नमूने की रिपोर्ट छह फीसदी की दर से लोग संक्रमित हो रहे हों।

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