सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कालेज की एनएसएस की छात्राओं ने चलो आत्मनिर्भरता की ओर थीम पर कार्य करना शुरू किया। कोविड-19 की महामारी ने करोड़ों लोगों को बेरोजगार बना दिया है। ‘लोकल टू ग्लोबल’ कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी छात्रायें बेकार पड़े सामान से उपयोगी वस्तुयें बनाना सीख रहीं हैं। सविता, खुशी, व साक्षी आदि छात्राआंें  ने पुराने कपड़ों ओर अखबार से बैग, पंखा, पायदान, गुलदस्ते एवं डेकोरेसन के सामान बनाकर लोगों को आत्म निर्भर बनाने को गुण सीख रही है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डा. आरती श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य ग्रामीण कौशल का प्रचार प्रसार करना एवं जरूरत मंद लोगों को आत्म निर्भर बनाने की दशा में एक छोटी से पहल है। उन्होेेने कहा कि कभी कभी छोटे छोटे प्रयास का परिणाम बहुत बड़ा होता है। ग्रामीण कौशल को उचित मार्ग दर्शन देकर हम गांव को समृद्ध और आत्म निर्भर बना सकते हैं।
एनएसएस कार्यक्रमाधिकारी डा. नीलम छाबड़ा ने बताया कि स्वयं सेविका जरीन फात्मा ने रोेजा रखकर भी प्रतिदिन 200 मास्क बनाने का लक्ष्य रखा और इस महा अभियान में जरीन फात्मा का कार्य बहुत ही सराहनीय है। इसी क्रम में स्वयं सेविकाओं ने बुजुर्गों की सेवा का भी बीड़ा उठाया कोरोना संक्रमण की चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग ही आ रहे हैं ऐसे में उनकी देखभाल की विशेष जरूरत है खासकर उनकी जिन्हें डायबिटीज, लग्ंस का रोग या हार्ट से सम्बन्धित रोग है। महाविद्यालय की प्रवक्ता डा. हरप्रीत कौर, डा. नीलम छाबड़ा, डा. अमिता श्रीवास्तव भी अपनी बुजुर्ग सास की अच्छे से देखभाल कर रही हैं। संस्थापिका की बहन की सेवा में ननकू दिन एवं रात लगे है। इस तरह सभी लोग अपने साथ-2 बुजुर्गों की देखाभाल कर रहे हैं। वहीं मातृवन्दन के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं व बच्चों की देखभाल में भी स्वयं सेविकायें लगी है। छात्रा लताशा व प्रीती ने अपने गांव भदुआ तरहर में आशा बहू कमलेश यादव के साथ मिलकर गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम व आयरन की गोली देने के साथ ही उन्हें पौस्टिक आहार लेने का भी सलाह दी। प्रिया, प्रियांशी, श्रेया, सीमा, मेहरून्निशा, सरोज, निशु इस अभियान में जुड़कर मदद कर रही हैं।

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