यदि आपको यूपी के भाजपा मुख्यालय में किसी पदाधिकारी से मिलना है तो सेंसरयुक्त सैनिटाइजर टर्नल से गुजरना होगा। इसके बाद थर्मल स्क्रीनिंग भी होगी ताकि पता चल सकें कि आपका तापमान सामान्य है या नहीं। यदि मास्क नहीं है तो कार्यालय में लगी वेंडिंग मशीन से मास्क प्राप्त करके उसका प्रयोग करना होगा। कोराेना संक्रमण से बचाव के लिए अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपने दफ्तरों में आंतरिक कार्यशैली व व्यवस्थाओं को बदला परंतु भाजपा इस कार्य में सबसे आगे दिख रही है।

वैश्विक आपदा में कार्यकर्ताओं को संक्रमण से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र ‘जान को बचाना है, जहान को भी बचाना है’ को अंगीकार करते हुए भाजपा ने काेराेना संकट के शुरूआती काल से ही संगठनात्मक कार्यशैली और पार्टी कार्यालयों की व्यवस्थाओं में अहम बदलाव किए है। तेजी से बदलाव की अहम वजह संगठन महामंत्री सुनील बंसल का लॉकडाउन आरंभ होने के पहले दिन से मुख्यालय में डेरा डाले रहना भी है।

महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल का कहना है कि लाॅकडाउन नियमों का सख्ती से पालन करते हुए मुख्यालय में कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित और सुनील बंसल के अलावा केवल 30 प्रतिशत कर्मचारी ही मौजूद रहते है। इसके बावजूद संगठनात्मक गतिविधियों में कतई सुस्ती अथवा ढिलाई नहीं आयी है। मास्क प्रयोग करना और सुरक्षित शारीरिक दूरी जैसे नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है।

पदाधिकारियों के कक्ष के बाहर ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीनें

यूं तो कार्यालयों में भीड़ नहीं जुटने देने के लिए सभी संगठनात्मक बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग या ब्रिज काल जैसी तकनीकी के माध्यम से आयोजित की जा रही है परंतु इसके बावजूद दूरदराज से कार्यालय आने वालों को संक्रमण बचाने के अनेक उपाय किए जा रहें है। मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने बताया कि हाथ धोने के लिये साबुन उपलब्ध है तो पदाधिकारियों के कक्ष सहित अनेक स्थानों पर आटोमेटिक सेंसरयुक्त सैनिटाइजर मशीनें लगी हैं। संपूर्ण कार्यालय का नियमित सैनिटाइजेशन कराया जाता है।

जिला व क्षेत्रीय कार्यालय भी संक्रमण मुक्त

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का कहना है कि जिला व क्षेत्रीय कार्यालयों को भी संक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए गए है। स्थानीय कार्यालयों में संगठनात्मक बैठकों की मनाही है परंतु सैनिटाइजर व साफ सफाई का बंदोबस्त किया गया है। कार्यकर्ताओं मास्क के बिना घरों से नहीं निकलने को कहा गया है। राहत कार्यों में लगे कार्यकर्ता भाेजन आदि का प्रबंध करने के साथ घरों में बने मास्क भी वितरित करते है।

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