कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए तीसरे दौर का लॉकडाउन अंतिम दौर में हैं। लॉकडाउन चार का ऐलान भी हो चुका है। ऐसे में लोगों को अभी कुछ और दिन घर पर रहना पड़ सकता है। संकट के इस दौर में सरकार जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही है पर यह मदद पहुंचाने के मामले में दक्षिण के राज्य दूसरे प्रदेशों के मुकाबले बहुत आगे हैं।

केंद्र ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने वाले प्रत्येक परिवार को एक किलो दाल मुफ्त देने का ऐलान किया है। इसके लिए उपभोक्ता मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए दाल का आवंटन भी कर दिया है, पर कई उत्तरी राज्य ने अब तक दाल का वितरण भी शुरू नहीं किया है। दक्षिणी राज्यों के पास जितनी दाल पहुंची है, वह उन्होंने बांट दी है।

उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक आंध्र प्रदेश के पास 13 मई तक जितनी दाल पहुंची है, उसमें वह सभी वितरित कर दी है। कर्नाटक ने भी 74 फीसदी दाल बांट दी है। तमिलनाडु के पास भी जितनी दाल पहुंची है, वह सभी उसने लाभार्थियों में वितरित कर दी है। तेलंगाना ने भी अब तक पहुंची दाल में पचास प्रतिशत बांट दी है। हालांकि, केरल सिर्फ दस फीसदी दाल दी बांट पाया है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में अभी दाल का वितरण शुरू नहीं हुआ है।

केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ये राज्य 15 मई से वितरण शुरू करेंगे। जब तक उनके पास दाल पहुंची, वे अप्रैल के लिए मुफ्त खाद्यान्न का वितरण कर चुके थे। ऐसे में एक किलो दाल के लिए लाभार्थियों बुलाना उचित नहीं है। मई के खाद्यान्न के साथ दाल का वितरण किया जाएगा।

पूर्वोत्तर में भी ज्यादा दाल वितरण

झारखंड में भी 13 मई तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जितनी दाल पहुंची है, उसमें से 25 फीसदी का वितरण किया है। हरियाणा ने 49 प्रतिशत, पंजाब ने 27 प्रतिशत और उत्तराखंड ने 39 फीसदी दाल का वितरण किया है। उत्तरी राज्यों के मुकाबले पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में 85, असम में 77, मेघालय में 99 और मिजोरम में 72 फीसदी दाल का वितरण किया गया है।

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