लखनऊ। पूरे देश में कोरोना वॉयरस के संक्रमण को देखते हुए पिछले 49 दिनों से लॉक डाउन चल रहा है। कोरोना संकट में मुख्यरूप से भूमिका में रहने वाले कोरोना योद्धा डॉक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली नर्सों का भी इस महामारी के बचाव में अहम योगदान है। नर्सों ने कहा कि कोरोना महामारी में हम सबका फर्ज सबसे ऊपर है। घर पर बच्चे उनके आने का इंतजार करते रहते हैं। फिर भी उन्होंने परिवार से ऊपर अपना पेशा रखा और मरीजों की दिनरात सेवा में लगी हैं। पूरे विश्व में हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। नोबल नर्सिंग सेवा की शुरूआत करने वालीं फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के जन्मदिन पर दुनिया भर की नर्सों को यह दिन समर्पित है। मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए बिना भेदभाव के हर मरीज की सेवा करना ही नर्स का काम होता है। नर्सिंग दुनिया भर में स्वास्थ्य रखरखाव से संबंधित सबसे बड़ा पेशा है। लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में नर्सों का बड़ा योगदान होता है। बता दें कि महासचिव आल इन्डिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन जी० के० खुराना के निर्देशानुसार पूरे देश में अपने-अपने कार्यस्थलों पर नसों ने फ्लोरेन्स नाईटिगल जी के 200 वें जन्मदिन के अवसर पर उनके सम्मान में उनकी फोटो पर दोपहर 12 बजे माल्यार्पण एवं मोमबत्ती एवं दीपप्रज्वलित कर नर्सेज डे मनाया गया। इस दौरान सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए सोशल डिस्टेशिग, मास्क, सेनिटाइजेशन का भी विशेष ध्यान रखा।

राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री एवं एडीशनल सेक्रेट्री ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन नई दिल्ली अशोक कुमार ने कहा कि फ्लोरेंस नांईटिगल जी के निस्वार्थ भाव कार्य करने की वजह से ही इस प्रोफेशन का नाम हुआ, जिसके कारण डब्ल्यू० एच० ओ० को उनके जन्मदिन के 200 वें वर्ष 2020 को ईयर आफ द नर्सेज एन्ड मिडवाइफरी के रूप में मनाने की घोषणा किया है, परंतु इसकी घोषणा के उपरांत ही कुछ महीनों बाद डब्ल्यू०एच०ओ० ने ही इस वैश्विक महामारी कोबिट-19 की भी घोषणा की जिससे आज पूरा विश्व जंग लड़ रहा है, जिसमें नर्सों की पहचान फ्रन्ट लाईन योद्धा के रूप में हुई है, जिसके कारण हम सब वृहद स्तर पर जो कार्यक्रम मानाने जा रहे थे, उसे स्थगित करना पड़ा।  हम लोगों ने बृहद पैमाने पर फ्लोरेंस नाइटेंगल जी का जन्मदिन ना मना करके सूक्ष्म रूप से अपने-अपने कार्यालयों में कैंडल और दीपक प्रज्वलित कर उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट किया। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद देते हैं कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना फाइटर्स के लिए ताली बजाकर और पुष्प वर्षा करवाकर हम लोगों का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि पूरे भारतवर्ष की नर्सों को एक समान भत्ता और पदनाम दिया जाए, इससे बड़ा कोई सम्मान हम लोगों के लिए नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नर्सों के इस जायज मांग को पूरा किया जाए।

इस वक्त जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है तो स्वास्थ्यकर्मी ही एक मजबूत दीवार बनकर खड़े हुए हैं। दिनरात बिना अपनी परवाह किए स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। डॉक्टर के सुझाव पर सभी बड़े अस्पताल में काम करने वाली नर्सें मरीजों की देखभाल कर रही हैं और उनके अंदर इस भावना को भी जगा रही हैं कि वह इस महामारी से जल्द ठीक हो जाएंगे। कोरोना के कहर के बीच स्वास्थ्यकर्मी लगातार ड्यूटी कर रह हैं। खासकर नर्सें अपने घर-परिवार से दूर, बच्चों को बिना देखे 15-15 दिन अस्पताल में काम कर रही हैं। ऐसी ही जाबांज नर्सों से हमने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर बातचीत की तो उन्होंने कोरोना महामारी में काम करने के साथ ही अपनी कुछ मांगे भी केंद्र सरकार से की हैं।

अपनी जान जोखिम में डालकर अपने परिवार से दूर अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे योद्धाओं के आगे देश की तीनों सेनाएं भी नतमस्तक हो चुकी हैं। पिछली तीन मई को पूरे देश में वायुसेना के जहाजों ने पुष्वर्षा कर फ्लाई पास्ट करके डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया था। इस सम्मान से चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ बहुत उत्साहित नजर आए। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर भी पूरी दुनिया में लोग नर्सों के काम, जज्बे, सेवा भावना को सलाम कर रहे हैं।

वीरांगना झलकारी बाई अस्पताल हजरतगंज में कार्यरत सीनियर नर्स अधिकारी मंजू सिंह ने बताया फ्लोरेंस नाइटेंगल जी का 200 वां जन्मदिवस हर जगह उत्साह पूर्वक मनाया जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर नहीं मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि जो नर्स जहां पर हैं वहीं पर इसे सेलिब्रेट करेंगे। फ्लोरेंस नाइटेंगल जी का जन्मदिन दोपहर 12:00 बजे मोमबत्ती एवं दीप प्रज्वलित कर मनाया गया। उन्होंने कहा कि हम नर्सें मरीजों के इलाज के लिए हम अपना घर परिवार भूलकर सेवा में लग जाते हैं। अगर कोई मरीज आर्थिक रूप से कमजोर है तो उसकी मदद भी करते हैं।मरीजों की सेवा करते वक्त खुद को भी भूल जाते हैं।

बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ में नर्स अधिकारी के रूप में तैनात गीतांशु वर्मा ने बताया फ्लोरेंस नाइटेंगल जी का 200 वां जन्मदिवस नर्सेज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2020 ईयर ऑफ द नर्सेज के रूप में घोषित किया गया है। जोकि बहुत ऊंचे स्तर पर होना था। लेकिन इस पैसे कोरोना महामारी के चलते यह कार्यक्रम ऊंचे स्तर पर नहीं होना है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में नर्स कोरोना फाइटर्स के रूप में योगदान दे रहे हैं। शासन और प्रशासन से मेरा यह कहना है कि हमारा मनोबल बढ़ा है उसे कम न करें। उन्होंने कहा कि केंद्र के बराबर हमारा पदनाम दिया जाए।

केजीएमयू के वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत रेनू पटेल ने बताया कि उनकी ड्यूटी कोरोना आइसोलेशन वार्ड में लगी। उन्हें ड्यूटी करके काफी प्राउड फील हुआ। उन्होंने कहा कि पहले मुझे ड्यूटी करने में डर लगा लेकिन पापा और भाई के प्रोत्साहन से ड्यूटी करने में कोई डर नहीं लगा। इस आइसोलेशन वार्ड में सबको एक सामान देखा जाता है। ड्यूटी करने में कोई दिक्कत नहीं होती है। सभी लोग आपस में कॉर्पोरेट करते हैं।सभी मरीजों का एक समान ख्याल रखा जाता है। अगर किसी प्रकार की हम लोगों को परेशानी होती है तो हमारे टीम लीडर हमारा ख्याल रखते हैं। इसलिए किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं है।कोरोना महामारी में ड्यूटी करके सभी को गर्व महसूस हो रहा है।

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