उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार जारी है। लोगों के बीच दहशत बनी हुई है। इसी बीच सोमवार को   जिले से दर्दनाक खबर आई। बीती रविवार की देर रात जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के करीब एक युवक ने फांसी लगा ली। वहीं, आसपास के लोगों का कहना है कि मृतक पिछले चार-पांच साल से अस्पताल में ही रह रहा था।दरअसल, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के पीछे बाउंड्री की ग्रिल में ऊंचाई से सचिन अवस्थी ने फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि इमलिया सुल्तानपुर थानाक्षेत्र के चंदन पारा गांव के निवासी सचिन अवस्थी करीब 4 साल पहले बिजली के करंट से झुलस गया था। इसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। वहीं आसपास के लोगों का कहना है कि सचिन पिछले चार-पांच साल से अस्पताल में ही रह रहा था। घरवालों ने भी उसे छोड़ दिया था। ऊपर से उसका चेहरा झुलसने के कारण खराब हो गया था। ऐसे कई कारणों से वह परेशान चल रहता था। वैसे डॉक्टरों की मानें तो बिजली करंट में सचिन का चेहरा झुलस गया था। इसका यहां इलाज के बाद करीब 4 महीने पहले स्वास्थ्य दुरुस्त होने पर चेहरे की सर्जरी के लिए लखनऊ रेफर किया गया था। लेकिन वहां न जाकर यह जिला अस्पताल में ही इधर-उधर घुमा करता था। घरवाले भी इसको नहीं ले जाते थे। उधर, सचिन का इलाज करने वाले डॉ. अजय कुमार शुक्ला का कहना है कि सचिन को उसके घर वाले भी पसंद नहीं करते थे। इसलिए वह इसे नहीं ले जाते थे। एक दो बार इसे घर भिजवाया भी गया, तो यह लौट कर वापस अस्पताल आ गया था।

क्या कहते हैं सीएमएस ?  सीएमएस डॉ अनिल अग्रवाल का कहना है कि सचिन अवस्थी वर्तमान में जिला अस्पताल में भर्ती नहीं था। वह अस्पताल में ही घूमा करता था। फिलहाल उसने फांसी क्यों लगा ली इसका कारण कोई कुछ नहीं बता रहा है।

पुलिस तलाश रही वजह  मामले में शहर कोतवाल अंबर सिंह ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। आत्महत्या के कारणों की छानबीन  की जा रही है।

रिपोर्ट : मोरज राठौर

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