वाराणसी जिले में फंसे बिहार के 22 जनपदों के 1900 लोगों को रविवार को उनके घर बसों से छोड़ा जाएगा। इनके लिए 60 बसों का प्रबंध किया गया है। इन्हें कल सुबह छह से आठ बजे तक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान से रवाना किया जाएगा। ये बसें कैमूर और भभुआ जाएंगी। वहां से बिहार सरकार की ओर से उनके निवास स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि इन लोगों ने पिछले दिनों विभिन्न थानों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया था। साथ ही कई लोगों ने पोर्टल पर भी विवरण फीड किया था। सभी के मोबाइल नंबर पर उनकी रवानगी के समय और स्थान का मैसेज भेजा गया है। डीएम ने अपील की है कि बिहार के जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, वही पहुंचें। किसी अन्य प्रदेश के लोग वहां न पहुंचें। सभी को अपना आइडेंटिटी कार्ड लाना आवश्यक होगा। इसके अलावा बिहार के बचे अन्य जनपदों के लोगों को सोमवार को सुबह संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान से बसों से कैमूर और भभुआ भेजा जाएगा।

बिहार के इन जनपदों के हैं लोग
अरवल, औरंगाबाद, कैमूर, भभुआ, गया, जमुई, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, पटना, बक्सर, भोजपुर, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, शेखपुरा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया,  वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर और सीतामढ़ी।

प्रदेश के दूसरे जिलों के लोगों की भी रवानगी आज
प्रदेश के अन्य जिलों के फंसे लोगों को रविवार की सुबह आठ से नौ बजे तक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, चौकाघाट के खेल मैदान से बसों से नि:शुल्क उनके जिलों में भेजा जाएगा। डीएम ने बताया कि इन सबको अपना आइडेंटिटी कार्ड लाना आवश्यक होगा। इसके न होने पर किसी को भी नहीं भेजा जाएगा। यदि ऐसा कोई वहां पहुंचा तो उसके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से एक बार के लिए है। इसके बाद जो बच जाएगा, उसे अपने ही संसाधन से जाना होगा।

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