पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज वसीम अकरम ने पूर्व सलामी बल्लेबाज आमिर सोहैल के संदर्भ में कहा कि कुछ लोग अब भी चर्चा में रहने के लिए उनके नाम का उपयोग करते हैं। सोहेल ने अकरम पर आरोप लगाया था कि वह 1992 के बाद विश्व कप नहीं जीत पाए। सोहैल के बयान के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में वसीम अकरम का जो सबसे बड़ा योगदान है, वो यह है कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान 1992 के बाद से कोई वर्ल्ड कप खिताब ना जीत पाए।

अकरम ने एक वेब कार्यक्रम में कहा, ”जब भी मैं इस बारे में इन नकारात्मक चीजों के बारे में सुनता हूं तो मुझे बहुत दुख होता है कि मुझे संन्यास लिए 17 साल हो गए हैं, लेकिन कुछ लोग अब भी खुद को चर्चा में रखने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल करते हैं।” उन्होंने कहा कि वह भी अन्य के लिए नकारात्मक बातें कर सकते हैं,  लेकिन वह खुद को ऐसा करने से रोकते हैं।

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सोहेल ने दावा था किया कि 1996 और 1999 में कप्तान और 2003 में सीनियर खिलाफ के रूप में अकरम की भूमिका ने यह तय कर दिया कि पाकिस्तान 1992 के इतिहास को नहीं दोहरा सकता।

सोहैल ने कहा था कि आप 1992 वर्ल्ड कप अगर अलग कर दें तो आपको समझ आएगा कि अकरम का बड़ा योगदान यह रहा है कि उन्होंने देश को और कोई वर्ल्ड कप नहीं जीतने दिया। उन्होंने कहा था, ”यह बहुत सिंपल है, 1992 वर्ल्ड कप को एक किनारे रखिए और 1996 वर्ल्ड कप की बात करिए। 1995 में कप्तान रमीज राजा थे, उससे पहले कप्तान सलीम मलिक थे, वो काफी सफल कप्तान थे, वो अगर एक साल और कप्तानी कर लेते तो वसीम अकरम को कप्तानी करने की जरूरत नहीं पड़ती।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर आप देखेंगे कि 2003 तक क्या कुछ हुआ, हर वर्ल्ड कप से पहले यह अभियान चलता था कि जो भी कप्तान है उसको हटाकर वसीम अकरम को कप्तान बना दिया जाए।”सोहैल ने कहा कि अकरम अगर अपना काम अच्छे से करते तो पाकिस्तान 1996, 1999 और 2003 वर्ल्ड कप खिताब जीत जाता।

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