पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में 3 दिन पहले बाघ के हमले से फैली दहशत के बाद टीम बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले कॉम्बिंग के दौरान ट्रैक्टर सवारों पर बाघ ने हमला कर दिया था लेकिन वन विभाग की टीम वापस आ गई थी। रविवार को क्षेत्रीय लोगों ने गजरौला थाना क्षेत्र के के जरा चौकी इलाके में बाघ देखा तो वन विभाग की टीम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए पहुंची। टीम पीपीई किट और सेनेटाइजर किये हुए पिंजरे के साथ पहुंची और बाघ को देखकर ट्रैंकुलाइज करने के लिए गोली चला दी। स्थानीय लोगों के अनुसार बाघ लड़खड़ाकर गिरा तो उसे बेहोशी की दो गोली और मार दी गई। बाघ को स्ट्रेक्चर पर ले जाया जा रहा था तभी स्ट्रेक्चर हिल गया। इस दौरान वनकर्मियों ने समझा बाघ उठ गया है तो उन्होंने एक और बेहोशी की गोली दाग दी। इसी बीच बाघ की ओवरडोज की वजह से मौत हो गई। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने की बाघ की मौत की पुष्टि की है।विशेषज्ञों की मानें तो बाघ को बेहोश करने के लिए एक बार ही ट्रैंकुलाइज करना आवश्यक है। उम्र के हिसाब से उसे ट्रैंकुलाइज डोज दी जाती है। लेकिन ओवरडोज की वजह से इस बाघ की मौत हो गई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी बाघ की मौत से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले को समझने की बात कह रहे हैं। वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने लापरवाह वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बाघ की हत्या का मुकदमा दर्ज करने और कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
 
बाघ ने दो ग्रामीणों पर किया हमला
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की खुली सीमा से वन्यजीव जंगल के बाहर घूम कर दहशत फैला रहे हैं। इन दिनों बाघ कि चहलकदमी से ग्रामीण काफी परेशान है। दो दिन पहले बाघ ने जरा कोठी शिवनगर मार्ग पर दो ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर दिया था। शनिवार रात 9 बजे पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव दंदौल कॉलोनी नंबर 5 निवासी सत्यम 12 वर्ष पुत्र लखविंदर घर के बाहर निकला था। तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया। किशोर के चीखने चिल्लाने पर पड़ोसियों के पहुंचने के बाद बाघ खेतों की तरफ भाग गया। कुछ देर बाद गांव के ही अनंत देव 55 वर्ष खेत से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बाघ ने उनपर भी हमला कर घायल कर दिया। लगातार दो घटनाओं से गांव सहित क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद दर्जनों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। घायलों को पूरनपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। मामले की सूचना दियूरिया रेंज के वन कर्मचारियों को दी गई। दहशत के चलते लोगों ने देर सवेर घरों से निकलना बंद कर दिया है। पीटीआर के एसडीओ प्रवीण खरे ने बताया मौके पर टीम गई थी। बाघ के पगचिह नहीं मिले हैं। कोई अन्य वन्यजीव का हमला लग रहा है।

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