rajnath-singh-7_012313121605चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। बिसात बिछ चुकी है। भाजपा तय ही नहीं कर पा रही है कि वह नरेंद्र मोदी को कहां से लड़ाए। 8 मार्च और 13 मार्च को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राज्य से ज्यादातर उम्मीदवार घोषित किए जाने की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह गाजियाबाद के बजाए लखनऊ से चुनाव लड़ेंगे क्योंकि लखनऊ को वह अटल की विरासत के रूप में देख रहे हैं। नरेंद्र मोदी की बनारस से उम्मीदवारी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। हां आप पार्टी ने ऐलान किया है कि अरविन्द केजरीवाल हर हाल में मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
मुरली मनोहर जोशी वाराणसी सीट से अपना दावा छोडऩे को तैयार नहीं है। राज्य बीजेपी के अधिकांश नेता चाहते हैं कि मोदी बनारस या लखनऊ से चुनाव मैदान में उतरें। राजनाथ के लखनऊ जाने की बात तय होने से अब बनारस की ही सीट मोदी के लिए बचती है। उधर बिहार बीजेपी के नेता चाहते हैं कि मोदी पटना से चुनाव मैदान में उतरें लेकिन उनका कहना है कि अगर मोदी बनारस से भी लड़ते हैं, तो बिहार के कई हिस्सों में इसका असर होगा और बीजेपी को मजबूती मिलेगी। बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस चुनाव में उत्तर प्रदेशए बिहार और महाराष्ट्र सबसे महत्वपूर्ण राज्य हैं। यूपी.बिहार में बीजेपी का अच्छा प्रदर्शन हो इसके लिए जरूरी है कि मोदी यूपी से चुनाव लड़ें। अमित शाह यह बात खुले तौर पर कह चुके हैं।
बनारस से फिलहाल मुरली मनोहर जोशी पार्टी के सांसद हैं और वह अपनी सीट छोडऩे को तैयार नहीं हैं। लेकिन पार्टी का कहना है कि अगर मोदी के बनारस से चुनाव लडऩे का फैसला होता है तो जोशी को कानपुर से चुनाव लडऩे के लिए मना लिया जाएगा। वहींए गुजरात बीजेपी साफ कर चुकी है कि मोदी को राज्य से लडऩा ही होगा। उसे लगता है कि उसके मिशन 26 के लिए यह बेहद जरूरी है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि उसके नेता अरविंद केजरीवाल बनारस से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। विश्लेषकों के मुताबिक ऐसा होने पर कांग्रेसए एसपी.बीएसपी जैसे विरोधी दल केजरीवाल को समर्थन देकर मोदी का मुकाबला कठिन बनाने की कोशिश कर सकते हैं। यह भी माना जा रहा है कि ऐसा होने पर केजरीवाल को जबरदस्त प्रचार मिलेगा और इसके बूते उनकी पार्टी देश के दूसरे हिस्सों में भी कई सीटों पर मुकाबले में आती दिख जाएगी। लेकिन बीजेपी के रणनीतिकार केजरीवाल के चुनाव लडऩे की संभावना को ज्यादा तरजीह नहीं देते हैं। उनका मानना है कि अरविंद केजरीवाल सुर्खियां बटोरने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे और जरूरी नहीं है कि मोदी के सिर्फ गुजरात से ही चुनाव लडऩे पर वह वहां से उनके खिलाफ खड़े न होंए बल्कि मोदी कहीं से भी चुनाव लड़ेंए केजरीवाल उनके खिलाफ मैदान में उतर सकते हैं। इसलिए केजरीवाल के चुनाव लडऩे की संभावना या उसके गणित के हिसाब से बीजेपी अपना फैसला नहीं कर सकती है। मोदी पर फैसला आने में देर हो सकती है पर राजनाथ को लखनऊ सबसे ज्यादा सुरक्षित लग रहा है।

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