लुधियाना से पैदल अपने घर बिहार के अररिया के लिए चले मजदूर की गोरखपुर में मौत के बाद उसका शव लेने जब परिवारीजन और रिश्तेदारों में से कोई नहीं आया तब सोमवार को कैंट पुलिस ने उसका शव मुस्लिम विधि से दफनवा दिया।

शनिवार को मजदूर की मौत हो गई। मौत के बाद भी उसकी कोरोना जांच कराई गई जो कि निगेटिव आई थी। पुलिस वालों ने कुशीनगर में रहने वाली उसकी बहन के साथ घरवालों  के पास सूचना भेजवा दी थी पर लॉक डाउन का हवाल देकर कोई शव लेने नहीं आया था। पुलिस के मुताबिक अररिया जिले के बसेटी बाजार का रहने वाला जुबरैल लुधियाना में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के दौरान वह घर जाने के लिए पैदल ही निकल गया था। 19 अप्रैल की शाम को गोरखपुर पहुंचा। मोहद्दीपुर में चेकिंग के दौरान मजिस्ट्रेट और पुलिस की टीम ने पकड़ लिया। उसकी तबीयत खराब लग गई थी। सांस फूल रही थी। एहतियात के तौर पर कोरोना की जांच कराई गई।

रिपोर्ट नेगेटिव आने पर अधिकारियों ने जुबरैल को रैन बसेरा में क्वारंटीन करा दिया। बाद में उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। जिसके बाद पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया,जहां शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर कैंट रवि राय ने बताया कि मौत की जानकारी जुबरैल के बड़े भाई हामिद अंसारी और कुशीनगर में रहने वाली बहन गुलेशा को दी गई। लेकिन शव लेने कोई नहीं आया। प्रभारी निरीक्षक कैंट रवि राय ने कोई शव लेने नहीं आया तो उसका पीएम कराकर उसके धर्म के अनुसार सोमवार को दफना दिया गया।

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