173 परियोजनाओं पर फिर शुरू हुआ काम, चार हजार से भी ज्‍यादा कामगारों को मिला रोजगार
उपमुख्‍यमंत्री ने सोशल डिस्‍टेंसिंग का हर हाल में पालन और गुणवत्‍ता बनाये रखने के दिये निर्देश
लखनऊ। लॉकडाउन के तहत रोजी रोटी बंद हो जाने से निराश कामगारों में उम्‍मीद की किरण एक महीने बाद फिर से दिखने लगी है। कई सरकारी परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। हजारों मजदूरों कामगारों के ठंडे पडें चूल्‍हे और उम्‍मीदें फिर जग गई हैं। प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की भारत सरकार की गाइड लाइन को ध्‍यान में रखते हुए की गई पहल हजारों बेरोजगारों के चेहरे पर मुस्‍कान खिला गई है। आपको बताते चलें कि लॉकडाउन के चलते कई कामगारों का काम ठप हो गया था और उनके सामने रोजी रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया था।
भारत सरकार की गाइडलाइन का सख्‍ती से पालन हो
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग /सेतु निगम / राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं,कि इस समय जो कार्य पुनः प्रारंभ किए गए हैं उनमे सोशल डिस्टेंसिग का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यो के सम्बन्ध मे निर्धारित गाइडलाइन का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए । उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्यों में मानकों व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।उपमुख्‍यमंत्री मौर्य ने शुरू किए गए निर्माण कार्यों के बारे में विभागीय अधिकारियों से जानकारी हासिल की कि कहां-कहां कौन-कौन से कार्य प्रारंभ किए गए हैं और कितने श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और वहां पर निर्धारित गाइडलाइन का अनुपालन किया जा रहा है कि नहीं ।
चार हजार से भी ज्‍यादा लोगों को मिला काम
लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से जानकारी करने पर बताया गया कि 173 परियोजनाओं पर काम चल रहा है और इसमें 4216 श्रमिक इस समय लगे हुए हैं। यह सभी कार्य पूर्व में संचालित थे और लाक डाउन के चलते इन कार्यो को रोक दिया गया था, जो अब शुरू कराए गए हैं।
इन कार्यों में लोक निर्माण विभाग की 43 परियोजनाएं हैं ,जिनमें 874 श्रमिक कार्य कर रहे हैं ।सेतु निगम की 18 परियोजनाएं हैं, जिनमें 456 श्रमिक कार्य कर रहे हैं और निर्माण निगम की 112 परियोजनाएं हैं, जिनमें 2886 श्रमिक कार्य कर रहे हैं ।उपमुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग /सेतु निगम व राजकीय निर्माण निगम के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह स्वयं इन कार्यों की मानिटरिंग करें और प्रोजेक्ट मैनेजर तथा संबंधित मुख्य अभियंता व अधिशासी अभियंता, परियोजनाओं का लगातार निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि गाइडलाइन का कहीं पर उल्लंघन न हो और सोशल डिस्टेंसिग का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित रूप से रिपोर्ट भेजी जाय।

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