शासन के निर्देश पर पुलिस ने रोहिंग्या शरणार्थियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रदेश के 8 जिलों में 369 रोहिंग्या शरणार्थियों के मौजूद होने की सूचना है। इन शरणार्थियों के तबलीगी जमात से जुड़े होने की संभावना को देखते हुए उनकी कोविड-19 जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

खुफिया इनपुट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को रोहिंग्या शरणार्थियों और तबलीगी जमात के बीच ‘कनेक्शन’ की जांच करने के निर्देश दिए हैं। तबलीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों और उनके परिचितों का कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच कराने को भी कहा है। खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचना मिली थी कि रोहिंग्या समुदाय के कुछ लोग जमात के मकरज में शामिल हुए थे और वे राहत कैम्पों में वापस भी नहीं लौटे हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसे 369 लोगों के मौजूद होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार डीजीपी मुख्यालय की तरफ से अलीगढ़, मथुरा, कानपुर नगर, मेरठ, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर व गौतमबुद्धनगर (नोएडा) जिले को रोहिंग्या शरणार्थियों की तलाश कर उनका ब्योरा जुटाने का निर्देश दिया गया है। जमात से इनका कनेक्शन पाए जाने पर कोविड-19 की जांच भी कराई जाएगी। इससे पहले प्रदेश पुलिस ने तबलीगी जमात के दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मरकज में शामिल होने वाले 2812 भारतीयों और 325 विदेशियों को चिह्नित किया था। विदेशी नागरिकों में 66 नेपाल के थे। शेष 259 विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। कुल 2812 भारतीय जमातियों में से 2539 को क्वारंटीन किया गया है, जबकि जमात से जुड़े सभी 325 विदेशी नागरिकों को क्वारंटीन किया गया है।

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