वाराणसी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़े स्तर पर सेनेटाइजेशन का काम शुरू किया गया है। ज्यादा से ज्यादा इलाकों को कम समय में सेनेटाइज करने के लिए चेन्नई से अत्याधुनिक गरुड़ एयरस्पेस का ड्रोन मंगाया गया है। शनिवार की सुबह हॉटस्पॉट मदनपुरा से ड्रोन ने सेनेटाइजेशन शुरू किया।

वाराणसी में 14 मामले सामने आने के बाद पांच इलाकों को हॉटस्पॉट मानते हुए सील किया जा चुका है। इनमें एक की मौत भी हो चुकी है। शुक्रवार को ही एक साथ पांच मामले सामने आ गए। कुछ समय पहले ही सरकार ने देश की चुनिंदा स्मार्ट सिटी में इस तरह के ड्रोन से सेनेटाइजेशन का फैसला लिया था।

यह ड्रोन कम समय में ज्यादा से ज्यादा इलाकों को कवर कर सकता है। एक बार में यह दस लीटर केमिकल लेकर उड़ सकता है। ड्रोन सौ मीटर की ऊंचाई तक उड़ते हुए केमिकल का छिड़काव कर सकता है। इससे न सिर्फ सड़कों को सेनेटाइनज करने में मदद मिल रही है बल्कि गलियों, दीवारों और मकानों की छतों को भी सेनेटाइज किया जा रहा है।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामशकल यादव के अनुसार गरुड़ ड्रोन एक बार में दस किलो केमिकल लेकर बीस किलोमीटर एरिया को सेनेटाइज कर सकता है। अभी तक हम लोग सड़कों और दीवारों पर केवल सात मीटर तक ही केमिकल का छिड़काव कर सकते थे। इसके जरिये ऊंची दीवारों और मकानों की छतों को भी सेनेटाइज किया जा रहा है।

नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि वाराणसी में जल्द से जल्द ज्यादा इलाकों को सेनेटाइज करने के लिए गरुड़ एयर स्पेज से नगर निगम ने करारा किया है। इसके बाद विशेष इजाजत लेकर ड्रोन को यहां मंगाया गया है। इस ड्रोन की मदद से हॉटस्पॉट के साथ ही ऐसे दूरदराज के इलाकों को सेनेटाइज किया जा सकता है जहां मैनपावर से कराने में दिक्कत आ रही थी।

नगर आयुक्त के अनुसार यह बेहद अत्याधुनिक तकनीक पर काम करता है। हम चाहते थे कि संवेदनशील इलाकों में कम से कम सफाईकर्मियों या सफाई मित्रों की मदद से सेनेटाइजेशन का काम कराया जाए। उसी के मद्देनजर मशीनों से सेनेटाइजेशन का काम शुरू किया गया है। फिलहाल दस दिनों का प्लान बनाया गया है। अगले दस दिनों में दो बार पूरे शहर को सेनेटाइज किया जाएगा।

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