हैलट अस्पताल के मेडिसिन आइसीयू में भर्ती बुजुर्ग की शुक्रवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। कोरोना जैसे लक्षण होने पर डॉक्टरों ने नमूना लेकर जांच के लिए लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुíवज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) भेजा है। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संदिग्ध मानते हुए प्रोटोकॉल के तहत शव को विशेष प्रकार के बैग में सील कर मेडिकल टीम के साथ घर भेजा।आजाद नगर निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग की हालत बिगड़ने पर स्वजन ने सवरेदय नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से उन्हें शुक्रवार दोपहर हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। हैलट के डॉक्टरों के अनुसार बुजुर्ग रेफर होकर इमरजेंसी आए थे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिसिन आइसीयू में भर्ती कराया गया था। कोरोना जैसे लक्षण होने पर उनका थ्रोट और नेजल स्वाब का नमूना लिया गया है। इलाज के दौरान शाम चार बजे उनकी मौत हो गई। आइसीयू में डॉक्टर पूरी सुरक्षा और एहतियात के साथ ही उनका इलाज कर रहे थे। मौत के बाद शव को पैक कर वाहन से मेडिकल टीम के साथ घर भेजा गया है। पैकिंग बैग खोलने की अनुमति किसी को नहीं दी गई है।

कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह जुटा हुआ है। अब निजी क्षेत्र में मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज में लेवल-टू का कोविड-19 हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। जहां सौ बेड का आइसोलेशन वार्ड और 20 बेड का वेंटीलेटर युक्त आइसीयू होगा। शुक्रवार शाम मंडलायुक्त से लेकर जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जायजा लिया। देर रात जिला प्रशासन ने अस्पताल को अपने अधीन ले लिया।मंडलायुक सुधीर एम बोबडे और अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. आरपी यादव शाम को रामा मेडिकल कॉलेज में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने अविलंब लेवल-2 कोविड-19 हॉस्पिटल तैयार करने के आदेश दिए। साथ ही उपलब्ध सुविधाएं और संसाधन का ब्योरा लिया। उधर, डीएम डॉ. ब्रrादेव राम तिवारी, एसएसपी अनंत देव और सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला भी वहां पहुंचे। उन्होंने कोरोना संदिग्ध और संक्रमितों का इलाज करने के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया। सभी को पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट और मास्क उपलब्ध कराने की बात कही। यह भी कहा कि यहां क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को खाने-पीने की दिक्कत न होने पाए। रामा मेडिकल कॉलेज के नोडल अफसर पोसन लाल ने बताया कि वेंटीलेटर युक्त 20 बेड का आइसीयू उपलब्ध है। इसके अलावा क्वारंटाइन के लिए 160 बेड की क्षमता है।जिले में कोविड-19 हॉस्पिटल: एसजीपीजीआइ के स्तर का लेवल-थ्री कोविड-19 हॉस्पिटल हैलट परिसर में बनाया गया है। कांशीराम चिकित्सालय में लेवल-टू और सरसौल सीएचसी में लेवल वन का कोविड-19 हॉस्पिटल है।

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