लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अस्पताल भी अब असुरक्षित लगने लगे हैं, अग्निशमन यंत्रों की पुख्ता व्यवस्था ना होने के चलते आग लगने के दौरान अस्पतालों में मरीजों की जान को खतरा बना रहता है। यह हम नहीं बल्कि आये दिन लग रही आग इसकी खुद गवाह है। पिछले दिनों ट्रॉमा सेंटर में लगी भीषण आग को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि एक बार फिर ट्रॉमा सेंटर के दूसरी मंजिल पर दूसरी मंजिल पर पीछे की लिफ्ट के पास रखे सर्जिकल सामान में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने से अस्पताल में भगदड़ मच गई। धुंआ उठते ही इलाज कराने गए मरीज वहां से भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई मरीज खुद भाग खड़े हुए तो कई को वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। आग लगने से लपटे, धुआं फैलने लगा तो उसे देखकर मरीज व उनके तीमारदार भागने लगे। इस दौरान जो स्टाफ और कर्मी मौजूद थे। वह भी अपनी अपनी जान बचाकर अस्पताल के बाहर आ गये। अस्पताल के कर्मचारियों ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग और पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया इस दौरान मौके पर घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। इस संबंध में केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. संदीप तिवारी ने बताया कि आग के कारण का पता लगाया जा रहा है। यह जांच का विषय है। किसी भी पेशेंट को कोई नुकसान नहीं हुआ है। तीन फ्लोर पर पेशेंट वापस भी आ गए हैं।

सिगरेट या बीड़ी पीकर फेंकने से लगी आग
जानकारी के अनुसार, घटना चौक थाना क्षेत्र स्थित किंगजॉर्ज मेडिकल चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर की है। ट्रॉमा सेंटर में बुधवार देर रात आग लगने अफरातफरी मच गई। दूसरी मंजिल पर पीछे की लिफ्ट के पास रखे सर्जिकल सामान में रात 10:30 बजे आग लगी, जो यहां पड़े कबाड़ के कारण तेजी से फैली। सूचना पर 20 मिनट में मौके पर दमकल पहुंच गईं और फायर ब्रिगेड की टीम ने आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। इस बीच वॉर्डों में धुआं भरने से मरीजों को बाहर निकालना पड़ा। आग लगने की वजह शॉर्ट-सर्किट बताई जा रही है। वहीं, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सिगरेट या बीड़ी पीकर फेंकने से आग लगी। वहीं, आग लगने की खबर से पांच थानों की पुलिस पहुंच गई। डीसीपी वेस्ट एके श्रीवास्तव, डीसीपी सेंट्रल दिनेश सिंह, एडीसीपी विकास त्रिपाठी समेत केजीएमयू वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट भी पहुंच गए।

आग लगने के बाद  नहीं किया फायर एक्सटिंग्यूशर का इस्तेमाल

ट्रॉमा में आग बुझाने के लिए हर फ्लोर पर फायर एक्सटिंग्यूशर के साथ बाल्टियों में बालू व अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। लेकिन वहां मौजूद जिम्मेदारों ने एक भी फायर एक्सटिंग्यूशर का प्रयोग नहीं किया। फायर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में ही फायर उपकरणों का प्रयोग किया जाता था तो तुरंत काबू पा लिया जाता।
गांधी वार्ड में शिफ्ट किये गए मरीज
डीसीपी सेंट्रल दिनेश सिंह ने बताया कि ट्रॉमा मेडिसिन विभाग के पास ही आग लगी थी इसलिए वहां के मरीजों को रात में गांधी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। आईसीयू के मरीजों को शताब्दी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। ऑर्थोपेडिक्स के मरीजों को रात में लिंब सेंटर भेजा गया। सर्जरी और न्यूरो सर्जरी के मरीजों को दोबारा ट्रॉमा में ही शिफ्ट कर दिया गया। इस बीच वेंटिलेटर पर ऐडमिट मरीजों को भी ऑक्सिजन के सहारे बाहर लाया गया था। कुछ को शताब्दी में शिफ्ट किया गया।

पूरी बिल्डिंग में भर गया धुआं, आननफानन में निकाले गए मरीज

ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर ट्रॉमा मेडिसिन का विभाग है। ऐसे में वहां के मरीजों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग खाली करवाई। तीमारदार कई घंटे मरीजों को लेकर पार्किंग एरिया और सड़क पर खड़े रहे। जानकारों का कहना है कि आग लगने के वक्त ट्रॉमा में करीब 200 मरीज थे। सीनियर फायर ऑफिसर योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि अहतियात के तौर पर 12 दमकल बुला दी गई थीं लेकिन दो से तीन गाड़ियों में ही आग बुझ गई। हाईड्रोलिक क्रेन से दूसरी मंजिलों और खिड़कियों पर जाकर देखा गया कि कोई फंसा तो नहीं है।
दमकल को मिली आधा घंटा बाद सूचना
चौक फायर स्टेशन के एसएसओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि रात करीब 11:00 बज कर 9 मिनट पर उन्हें सूचना मिली कि ट्रामा सेंटर में आग लगी है। जिस पर वह अपने लीडिंग फायरमैन राजेश कुमार व उनकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो पता चला कि ट्रामा सेंटर की दूसरी मंजिल पर स्थित मेडिसिन विभाग के जहां पर डॉक्टर लोग बैठते हैं। उस कमरे में फर्नीचर में आग लग गई थी। जिसके कारण वहां पर रखे कंप्यूटर समेत अन्य सामान जल गए थे मौके पर जाकर 6 गाड़ियों की मदद से आग को बुझाया गया। इसके साथ ही वहां पर भर्ती मरीजों को दूसरी जगह पर ले जाया गया। कोई जनहानि नहीं हुई है।आग लगने सही बारे में जानने के लिए चौक थाना क्षेत्र को एक लिखित सूचना दी गई।

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