कोरोना संक्रमण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए देशभर में जारी 21 दिन के लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार ने विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श तेज कर दिया है। राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लेकर विशेषज्ञों तक की राय ली जा रही है। देश में जिस तरह कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा हैं उसे देखते हुए लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जा सकता है। अधिकांश राज्यों ने इस मामले पर केंद्र पर फैसला छोड़ा है।

दो हफ्ते और बढ़ने की उम्मीद : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोरोना को लेकर उच्च अधिकार प्राप्त मंत्रिमंडल समूह की बैठक में देशभर के हालातों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक से जो संकेत मिले हैं उनके अनुसार लॉकडाउन को 2 हफ्ते और बढ़ाया जा सकता है।

कुछ छूट संभव : देश की अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों पर हो रहे प्रभाव को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ने की स्थिति में कुछ राहत दी जा सकती है। जहां-तहां फंसे हुए लोगों को उनके जगह पर पहुंचा जा सकता है। हालांकि चिकित्सा और कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों को यथा स्थिति में ही रखा जाएगा।

लोगों के इकठ्ठा होने की प्रभावी निगरानी : बैठक में लोगों के किसी स्थान पर एकत्र होने पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया। खासकर धार्मिक स्थान आदि पर निगरानी कड़ी की जाए और जरूरत हो तो ड्रोन से भी निगरानी की जाए।

कौन-कौन मुख्यमंत्री हैं लॉकडाउन के पक्ष में: 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (मध्यप्रदेश), के चंद्रशेखर राव (तेलंगाना), योगी आदित्यनाथ (यूपी), उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र) अरविंद केजरीवाल (दिल्ली) और अशोक गहलोत (राजस्थान) लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में दिख रहे हैं।

लॉकडाउन का असर: लॉकडाउन का असर गाजियाबाद और नोएडा में लगातार तीसरे दिन दिखा। यहां कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। मंगलवार को गाजियाबाद में 89 और नोएडा में 109 संदिग्धों की रिपोर्ट आई। दोनों जगह कोई पॉजीटिव नहीं पाया गया।

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