कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है. लॉकडाउन के चलते कई लोग वर्क फ्रॉम होम भी कर रहे हैं. इस दौरान वो लैपटॉप की स्क्रीन या फिर अपने मोबाइल फोन के संपर्क में कई घंटे रहते हैं. काम खत्म होने के बाद भी कुछ लोग मोबाइल स्क्रॉल करते रहते हैं जिससे वजह से उन्हें नींद आने में काफी परेशानी होती है. रात को देर से सोना और सुबह शिफ्ट के लिए जल्दी उठ जाने से कई बार लोगों की नींद पूरी नहीं होती है जिसका सीधा असर न केवल उनके चेहरे और स्वभाव पर पड़ता है बल्कि उनकी इम्यूनिटी पावर भी काफी कमजोर हो जाती है. लेकिन क्या आप कम सोने के नुकसान जानते हैं
इम्यूनिटी सिस्टम पर पड़ता है बुरा असर:
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप कम नींद लेते हैं तो इम्यूनिटी काफी कम हो सकती है. हालांकि कमजोर इम्यूनिटी के पीछे और भी कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं.
सेक्सुअल डिसऑर्डर की समस्या:
नींद कम ले पाने का सीधा प्रभाव लोगों की यौन क्षमता पर भी पड़ता है. दरअसल, टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की वजह से ही महिलाओं और पुरुषों में यौन संबंध बनाने की इच्छा होती है. जब आप सोते हैं तो टेस्टोस्टेरॉन का लेवल बढ़ जाता है.
याददाश्त होती है कमजोर:
कम नींद लेने से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है. इसका सीधा असर उनकी याददाश्त पर भी पड़ता है. लोगों की लॉन्ग टर्म मेमोरी प्रभावित होती है और वो बातों को काफी जल्दी भूलने लगते हैं.
निर्णय लेने की क्षमता होती है प्रभावित:
कम नींद लेने से आपकी निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. कई बार आपने शायद ऐसा महसूस किया होगा कि आप किसी बात को लेकर क्विक डिसिजन नहीं ले पा रहे हैं और निर्णय लेने के बाद भी आप उसे लेकर श्योर नहीं हैं. नींद कम लेने की वजह से अक्सर निर्णय लेते वक्त लोग असमंजस का शिकार हो जाते हैं.
बढ़ सकता है स्ट्रेस:
कम नींद लेने का सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. दरअसल, सोने से दिमाग फ्रेश रहता है और ऊर्जा से भरा रहता है. लेकिन जब नींद पूरी नहीं हो पाती है तो दिमाग भी फ्रेश नहीं महसूस करता हैं. यही वजह है कि कम नींद लेने से स्ट्रेस बढ़ सकता है.

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