वाराणसी के चार इलाकों में रविवार की सुबह से कर्फ्यू लगा दिया गया। कोरोना के कारण यूपी में पहली बार किसी इलाके में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है। वाराणसी के इन चारों इलाकों मदनपुरा, लोहता, गंगापुर, बजरडीहा में पिछले तीन दिनों में कोरोना पॉजिटिव के मामले तेजी से बढ़े हैं। रविवार की सुबह गंगापुर नगर पंचायत में कोरोना पीड़ित की मौत और बजरडीहा में पॉजिटिव रिपोर्ट का एक और मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने का फैसला कर लिया।डीएम ने कहा कि इन जगहों को अगले आदेश तक पूरी तरह सील कर दिया गया है। इलाकों को जोड़ने वाले सभी मार्गों व गलियों पर बैरिकेडिंग कर दी गयी है। डॉक्टरों की टीम आज सभी चारों इलाकों में कैम्प लगाकर सैम्पल ले रही है। वाराणसी में रविवार की सुबह दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। पिछले तीन दिनों में पांच मामले सामने आने से खलबली मची हुई है। वहीं पूर्वांचल में कोरोना पॉजिटिव 20 हो गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा सात लोग वाराणसी में ही संक्रमित मिले हैं। गाजीपुर में पांच, आजमगढ़-जौनपुर में तीन-तीन और मिर्जापुर में दो पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। राहत की बात इतनी है कि वाराणसी और जौनपुर में मिले पहले दो मामले अब निगेटिव हो गए हैं। वाराणसी के युवक को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है।

गंगापुर के व्यापारी की कोरोना के कारण मौत और बजरडीहा में दूसरा मामला सामने आने के बाद कर्फ्यू का फैसला किया गया है। वाराणसी ही नहीं पूरे पूर्वांचल में कोरोना से यह पहली मौत है। शुक्रवार को कोरोना वार्ड में भर्ती गंगापुर के व्यापारी की हालत बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती किया गया था। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही व्यापारी ने दम तोड़ दिया। रविवार की सुबह रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही हड़कंप मच गया। गंगापुर स्थित उसके मुहल्ले को सील करते हुए लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। पूरे इलाके को सील करते हुए सेनेटाइज करने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम व्यापारी के परिवार और मिलने-जुलने वालों का भी सैंपल लेने की तैयारी कर रही है। जिस आईसीयू में व्यापारी को भर्ती किया गया था अब उसे भी सेनेटाइज किया जा रहा है।

बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में गुरुवार को बुखार की शिकायत पर गंगापुर के 55 वर्षीय व्यापारी और 59 साल की महिला को कोरोना जांच के लिए लाया गया था। यहां दोनों के स्वाब (लार) का नमूना लेकर कोरोना प्राथमिक वार्ड में भर्ती कर लिया गया। अगले दिन शुक्रवार को हालत बिगड़ने में दोनों को आईसीयू में लाया गया। यहां दोनों ने दम तोड़ दिया। तब तक दोनों की कोरोना रिपोर्ट नहीं आ सकी थी। शवों को भी सुरक्षित रखवा दिया गया। विश्वविद्यालय और अस्पताल प्रशासन ने मौत का कारण मल्टी आर्गन फेल्योर बताया। शनिवार शाम महिला की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसका शव परिवार वालों को दे दिया गया लेकिन व्यापारी की रिपोर्ट नहीं आने से शव अस्पताल में ही रहा। रविवार की सुबह व्यापारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर हड़कंप मच गया। सबसे पहले उसके घर और आसपास की गलियों को सील करने की कवायद शुरू हुई। फोर्स भेजकर आसपास खुली दुकानों को भी बंद करा दिया गया और लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी मुश्किल आईसीयू की सफाई है। व्यापारी ने जिस आईसीयू में दम तोड़ा उसमें आम मरीजों को भी रखा जाता है। अब पूरे आईसीयू को सेनेटाइज किया जा रहा है।

रिपोर्ट : मोरज राठौर

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