कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को फिलहाल वापस लाना संभव नहीं है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि उसका पूरा ध्यान अभी देश में तेजी से फैल रहे कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने पर है, ताकि आने वाले खतरे को कम किया जा सके।

जस्टिस संजीव सचदेवा और नवीन चावला की पीठ के समक्ष विदेश मंत्रालय के अवर सचिव हरविंदर सिंह ने बांग्लादेश में फंसे 581 भारतीय छात्रों को सकुशल वापस लाने की मांग को लेकर अधिवक्ता गौरव बंसल *द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर जवाब दिया। मंत्रालय की ओर से अधिवक्ता जसमीत सिंह ने पीठ को बताया कि लॉकडाउन की वजह से बांग्लादेश या किसी अन्य देशों में फंसे भारतीय को वापस लाना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हैं, ऐसे में स्थिति सामान्य होने तक किसी को स्वदेश लाना संभव नहीं है। विदेशों में फंसे भारतीयों को वहीं रहने की सलाह दी और कहा कि उनकी वहां पर पूरी मदद की जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

विदेश मंत्रालय ने उच्च न्यायालय को बताया कि बांग्लादेश में फंसे भारतीय छात्रों को उच्चायोग के माध्यम से मदद पहुंचाई जा रही है। भारतीय उच्चायोग ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है और इसके जरिए सभी की मदद की जा रही है। सोमवार को सरकार ने कोर्ट को बताया था कि बांग्लादेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

हाईकोर्ट में याचिका

अधिवक्ता बंसल ने याचिका में बांग्लादेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए सरकार को आदेश देने की मांग की है। पीठ को बताया कि छात्रों ने व्हॉट्सएप के जरिए उन्हें अपनी परेशानी बताते हुए मदद की गुहार लगाई है।

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