दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच एक अच्छी खबर है। राजधानी में पहली कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला की सफल डिलीवरी हुई है। 10 डॉक्टरों की टीम ने आइसोलेशन कक्ष को ऑपरेशन थियेटर बनाकर महिला की डिलीवरी कराई। अच्छी बात ये है कि बच्चा और मां दोनों स्वस्थ हैं। एम्स के डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक डिलीवरी करने के बाद कहा कि मां और बच्चे एकदम स्वस्थ हैं। एम्स के प्रसूति रोग विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने सफलतापूर्वक यह डिलीवरी कराई।

कोरोना वायरस को देखते हुए गुरुवार को ही महिला की डिलीवरी की योजना बनाई जा रही थी। शुक्रवार को इसे पूरा कर लिया गया है। महिला की डिलवरी एक हफ्ते पहले ही कर दी गई। सीजेरियन तरीके से डिलिवरी कराई गई है। आइसोलेशन वार्ड को ही ऑपरेशन थियेटर बना दिया।गुरुवार को जैसे ही एम्स के डॉक्टर और उनकी गर्भवती पत्नी को कोरोना संक्रमण का पता चला तो एम्स के डॉक्टर ने महिला की डिलवरी की चुनौती को स्वीकार कर काम करना शुरू कर दिया। महिला अस्पताल के जिस आइसोलेशन वार्ड में थी, उसे ही ऑपरेशन थियेटर बना दिया गया। इस डिलीवरी को कराने में 10 डॉक्टरों की टीम लगी।

एम्स के सूत्रों के अनुसार जिस प्रकार योजना बनाई गई थी उसी प्रकार सब हुआ है, महिला व बच्चे की आगे की जांच की जा रही है। बच्चा मां के पास ही रहेगा भले ही महिला कोरोना वायरस से संक्रमित हों लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे को मां के पास ही छोड़ दिया है। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि सावधानी और सुरक्षा उपकरणों के जरिये बच्चा मां के पास रहकर कोरोना से बच सकता है। बच्चे को मां का दूध भी पिलाया जा रहा है।

डॉक्टर के मुताबिक अभी ऐसा कोई शोध नहीं है जो यह कह सके कि मां का दूध पीने से बच्चा संक्रमित हो जाएगा हालांकि हमने बेहद सावधानी और उपकरणों के साथ बच्चे को मां के साथ छोड़ा है। कुछ दिन बाद बच्चे की जांच कराई जाएगी। मां को संक्रमण है लाखों उन्हें लक्षण नहीं हैं। दरअसल, गुरुवार को एम्स के फिजियोलॉजी विभाग के डॉक्टर में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनकी 9 महीने की गर्भवती पत्नी की जांच कराई तो वह भी कोरोना संक्रमित निकली।

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