विदेशों से लोैटे पांच लोगों के भेजे गये सेम्पल

कोरबा 3 अप्रैल (आरएनएस)। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक मार्च के बाद विदेशों से छत्तीसगढ़ आये सभी लोगों की जांच अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने ऐेसे विदेष यात्रियों की जिलेवार सूची भेजकर उनके गले और नाक के स्वाब सेम्पल तत्काल लेकर भेजने के निर्देश जिला प्रशासन को दिये हैं।
शासन के निर्देश का पालन करते हुए कोरबा जिले से ऐसे पांच लोगों के सेम्पल लेकर जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर भेजे गये। कोरबा जिले से कुल सात विदेश यात्रियों के सेम्पल भेजने के लिए सूची प्राप्त हुई थी। इन सभी यात्रियों ने अमेरिका, यूनाईटेड किंगडम, मलेशिया की यात्रा की है और वे एक मार्च के बाद कोरबा पहुंचे हैं। इनमें से दो लोगों के सेम्पल पहले ही भेजे जा चुके हैं। जिनमें से एक की रिपोर्ट पाजिटिव्ह और दूसरे की रिपोर्ट निगेटिव्ह आई है। शेष पांच लोगों के सेम्पल भी जांच के लिए भेज दिये गये हैं। राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पिछले एक महिने में विदेशों से आए लोगों की पूरी जानकारी पासपोर्ट कार्यालयों सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त कर ली गई है और जिलेवार सूची तैयार कर लोगों को स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा टेऊस भी कर लिया गया है। परंतु फिर भी किसी भी कारणवश विदेश यात्रा कर वापस लौटे लोग यदि इस सूची में शामिल नहीं हों तो जन स्वास्थ्य की दृष्टि से ऐसे लोगों से खुद ही अपनी यात्रा की जानकारी देने की अपील की गई है। आमजन भी ऐसे लोगों के बारे में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम पर 07759- 228548 या टोल फ्री नंबर 104 पर फोन करके जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
कलेक्टर  किरण कौशल ने एक मार्च के बाद विदेष यात्रा कर कोरबा लौटे सभी लोगों से अपील की है कि वे अपनी विदेश यात्रा की जानकारी जिला प्रशासन को अनिवार्यत: देवें और जांच के लिए अपने सेम्पल देने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या पास के स्वास्थ्य केंद्र में सम्पर्क करें।  कौशल ने कहा है कि राज्य में जितने भी कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं उनमें से अधिकांश विदेश यात्रा से लोैटे हैं। ऐसी स्थिति में पिछले एक महिने में विदेशों से कोरबा लौटने वाले लोगों के कोरोना संक्रमित होने की संभावना बढ़ गई है और उनकी जांच जरूरी है। कलेक्टर ने यह भी कहा है कि ऐसे लोगों द्वारा अपनी यात्रा की जानकारी छुपाने से संक्रमण के बढऩे तथा उनके परिजनों या आसपास रहने वाले लोगों या संपर्क में आने वाले लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। कलेक्टर ने ऐसे सभी लोगों से अपनी यात्रा की जानकारी देने और सेम्पल देकर जांच कराने का आग्रह भी किया है।

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