लखनऊ। दारूल उलूम ने एक फतवा जारी कर कहा है कि कोरोनो वायरस का परीक्षण और उपचार सभी के लिए महत्वपूर्ण है और इस बीमारी को छिपाना अपराध है। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महाली ने कहा कि खुद की जान और दूसरों की जान खतरे में डालना इस्लाम में मना है। कोरोना वायरस की जांच में सहयोग न करने वाले लोगों के लिए दारूल उलूम फरंगी महल ने फतवा जारी किया है। मुस्लिम धर्मगुरु खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा है कि कोरोना वायरस की जद में आए लोगों को अपना टेस्ट कराना चाहिए और इलाज भी जरूरी है। इस्लाम में एक इंसान की जान बचाना कई इंसानों की जान बचाने जैसा है। इसको छिपाना कतई जायज नहीं है। अगर लोग महामारी में अपना इलाज और टेस्ट नहीं कराते हैं लोग तो ये बिल्कुल गैर शरई काम है।

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