जहां एक ओर देश में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों के छिपने और भागने के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्वी दिल्ली के एक ऐसा मामला भी है जिसने कोरोना नेगेटिव आने के बाद भी खुद को आइसोलेशन में रखा है। पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार में रहने वाले नकुल चोपड़ा बीते 18 मार्च को लंदन से दिल्ली आए थे।

दिल्ली आने के बाद इन्हें 5 दिन के लिए सफदरजंग अस्पताल में रखा गया। जहां नकुल की दो बार कोरोना की जांच की गई। दोनों बार नकुल की जांच में कोरोना नेगेटिव आया। इसके बाद नकुल को घर भेज दिया गया। बावजूद इसके नकुल उसी दिन से घर में अकेले अपने कमरे में रह रहे हैं। नकुल के भाई राहुल ने बताया कि हमारा पूरा परिवार नकुल की रिपोर्ट आने के बाद से बेहद खुश है, लेकिन नकुल ने खुद को आइसोलेशन में रखा है।

राहुल बताते हैं कि अगर सरकार चाहे तो फिर से जांच कर सकती है, हम चाहते हैं कि देश और परिवार के मामले में कोई कोताही न बरती जाए। खुद नकुल बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि मेरा कमरे से बाहर आने का मन नहीं करता, लेकिन परिवार और देश के लिए कुछ दिन कमरे में रहने में कोई गुरेज नहीं है।

क्वारंटाइन लोगों का कूड़ा सामान्य कूड़े में भेजा जा रहा

दिलशाद गार्डन और जीटीबी एन्क्लेव में कोरोना के संदिग्ध मरीजों को क्वारंटाइन किए जाने के बाद उनके घरों से पीले बैग में एकत्रित कूड़े को ऑटो टिपर में घरों से एकत्रित होने वाले कूड़े में डालकर भेजा जा रहा है। इसे लेकर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने न केवल कड़ी आपत्ति जताई है, बल्कि शाहदरा उत्तरी नगर निगम के डिप्टी चेयरमैन से शिकायत भी की है।

दिलशाद गार्डन के जे एंड के ब्लॉक में कोरोना के करीब 12 संदिग्धों को क्वारंटाइन किया गया था। इसके अलावा जीटीबी एन्क्लेव में भी कुछ संदिग्धों को क्वारंटाइन किया गया। क्वारंटाइन किए गए लोगों के घरों से एकत्रित छोटे-छोटे कूड़े को पीले रंग के बैग में एकत्रित कर उसे अलग गाड़ी में नजफगढ़ स्थित एक प्लांट पर भेजना होता है।

दिलशाद गार्डन के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विकास हांडा और जीटीबी एन्क्लेव के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विनोद मोंगा ने बताया गया कि क्वारंटाइन किए गए लोगों के कूड़े को घरों से एकत्रित किए जा रहे सामान्य कूड़े के साथ ऑटो टिपर में ले जाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने शाहदरा उत्तरी जोन के डिप्टी चेयरमैन वीएस पवार को कई बार फोन पर शिकायत की है।
उत्तरी जोन के डिप्टी चेयरमैन वीएस पवार का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में आया है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है और निगम अघिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि क्वारंटाइन किए गए लोगों का कूड़ा अलग से गाड़ी में भेजें

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