भारत में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि देश में संक्रमण की रफ्तार दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले काफी धीमी है। साथ ही, कम्युनिटी ट्रांसमिशन, जिसे तीसरा चरण भी कहते हैं, अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है। बावजूद इसके देश में नौ ऐसे हॉट स्पॉट हैं, जिन्होंने सरकार की चिंता बढ़ा रखी है। इन जगहों पर कम्युनिटी ट्रांसमिशन पाया गया है। इसलिए इन इलाकों पर खास निगरानी रखी जा रही है। आइए जानते हैं कि ये कौनसी जगह हैं और यहां क्या-क्या एहतियात बरते जा रहे हैं।

दिल्ली- 120
दिलशाद गार्डन : (11 मामले) 10 मार्च को सऊदी अरब से यहां एक महिला बेटे के साथ वापस लौटी। थोड़े दिन बाद ही उसकी तबीयत खराब हुई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। बाद में महिला के बेटे, उसे एयरपोर्ट पर लेने गए रिश्तेदार और देखने वाले डॉक्टर सहित 11 लोग संक्रमित मिले। इसे देखकर माना जा रहा है कि संक्रमण बड़े स्तर पर फैला होगा।

निजामुद्दीन : (24 मामले) यहां मरकज में करीब 1700 लोग धार्मिक कार्य के लिए एकत्र हुए। इनमें कई लोग विदेश से भी आए थे जो कोरोना से संक्रमित थे। इन लोगों के संपर्क में आने से अन्य लोग भी वायरस की चपेट में आ गए। अबतक 24 लोग संक्रमित हैं और 300 से ज्यादा में लक्षण पाए गए हैं। यहां से कई लोग अन्य राज्यों में भी जा चुके हैं।

राजस्थान- 93
भीलवाड़ा : (22 मामले) इस इलाके में 10-15 दिन पहले अचानक कोरोना के मरीज बढ़ गए। भीलवाड़ा के कलेक्टर राजेंद्र भट्ट का कहना है कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि जिले में वायरस कैसे फैला। एक 73 वर्षीय मरीज को किडनी की बीमारी के चलते भीलवाड़ा के बांगर अस्तपताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया। यहां उनमें कोरोना संक्रमण का पता चला। बाद में बुजुर्ग की मौत हो गई। बांगर अस्पताल और महात्मा गांधी अस्पताल में में बुजुर्ग के संपर्क में आने वाले नर्सिंग स्टाफ के कई लोग संक्रमित पाए गए।

गुजरात-73 
अहमदाबाद (20 संक्रमित) गुजरात में अहमदाबाद राज्य का सबसे बड़ा कोरोना वायरस से पीड़ित इलाका बनता जा रहा है। यहां वायरस कैसे फैला, यह अभी तक राज बना हुआ है। लेकिन माना जा रहा है कि विदेश से आए किसी स्थानीय व्यक्ति के कारण ही यहां वायरस फैल रहा है। बड़ी संख्या में अहमदाबाद के लोग अमेरिका सहित यूरोप के कई देशों में रहते हैं। छुट्टियों में ये लोग स्वदेश आते हैं।

महाराष्ट्र- 302
मुंबई-पुणे (138 -34 मामले) राज्य में अभी तक सबसे ज्यादा मामले मुंबई और पुणे से ही आए हैं। मौतें भी इन दो जगहों पर सबसे ज्यादा हुई हैं। यहां संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा कारण विदेश यात्रा से आए लोगों को माना जा रहा है।

केरल-215
कासरगोड (जिले में अकेले 78 मामले) केरल के इस जिले में कोरोना पीड़ितों की संख्या 200 के करीब हो चुकी है जोकि राज्य में सबसे ज्यादा है। इसे हाई अलर्ट पर रखा गया है। कासरगोड की आबादी 13 लाख है और यहां के करीब-करीब हर घर से एक सदस्य अरब देशों में काम करने के लिए गया हुआ है। इनमें से बहुत से लोग वापस आए तो उनमें कोरोना का संक्रमण था जोकि जिले में फैलता चला गया।

उत्तर प्रदेश- 101
नोएडा: (39 मामले 
) यूपी में सबसे ज्यादा मामले अभी नोएडा और मेरठ से सामने आए हैं। नोएडा की बात की जाए तो यहां सबसे पहला मामला एक टूरिस्ट गाइड में सामने आया। यह दिल्ली में विदेशियों को घुमाता था। इसके बाद एक कंपनी में 19 लोग संक्रमित पाए गए। चिंता की बात यह है कि अभी तक पता नहीं चला कि इन लोगों में वायरस कैसे पहुंचा। इसी बात ने सरकार की चिंता और भी बढ़ा दी है।

मेरठ : (19 मामले) यहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन देखा गया है जोकि बड़ी चिंता का विषय बन गया है। एक व्यक्ति मुंबई से मेरठ अपनी ससुराल आया और अपने परिवार सहित कई लोगों को संक्रमित कर दिया। इसी तरह फिलीपींस और सिंगापुर से आए यात्रियों ने भी यहां संक्रमण फैलाया।

हॉटस्पॉट के लिए सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए
जिस घर में कोरोना पीड़ित मरीज मिल रहा है, वहां के तीन किलोमीटर आसपास के इलाकों को सील किया जा रहा है।
तीन किलोमीटर में रहने वाले सभी लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, यहां के सभी घरों पर सेनेटाइजर छिड़का जा रहा है।
पीड़ित व्यक्ति से बात करके उन लोगों की लिस्ट बनवाई जा रही, जिन-जिनके वह संपर्क में आया।
जिस किसी में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें तुरंत क्वारंटाइन करके उनके टेस्ट किए जा रहे हैं।

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