बरेली। कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन से भले ही आम पब्लिक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन बरेली में लॉकडाउन से पर्यावरण का संतुलन बेहतर हो रहा है। आंकड़ों पर यकीन करें तो वायु और ध्वनि प्रदूषण में अत्यधिक कमी देखी जा रही है। बरेली ही नहीं इससे पूरे देश की आवोहवा शुद्ध होने लगी है। कोरोना वायरस के कहर की वजह से दुनिया भर में औद्योगिक गतिविधियां ठप्प हो गई हैं। भारत सहित कई देशों में लॉक डाउन हो चुका है। लॉक डाउन की वजह से पर्यावरण संतुलन हो रहा बेहतर, वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी, भविष्य के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचा है पिछले कई दशकों से पृथ्वी पर हमारी रक्षा कर रही ओजोन परत को जो उद्योगों से नुकसान पहुंच रहा था उसमें कमी आने से इसकी हालत में सुधार आ रहा है। ओजोन परत को सबसे ज्यादा नुकसान अंटार्कटिका के ऊपर हो रहा था वैज्ञानिकों ने पाया है कि इस परत में अब उल्लेखनीय सुधार आ रहा है। ताजा शोध के अनुसार जो केमिकल ओजोन परत के नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं, उनके उत्सर्जन में कमी होने के कारण यह सुधार हो रहा है।
ये है प्रदूषण का गुणांक
चौपुला, सेटेलाइट, आईवीआरआई रेल क्रॉसिंग और शहामतगंज सर्वाधिक प्रदूषित हैं। एयर मॉनीटरिंग डाटा के अनुसार यहां अधिक वायु प्रदूषण होता है। बड़ा बाजार, सेटेलाइट, रोडवेज, डेलापीर रोड, किला, मढ़ीनाथ, सिविल लाइन, संजयनगर, परसाखेड़ा बाईपास, कुतुबखाना और अन्य इलाकों की हवा भी दूषित रहती है। यहां का एसपीएम गुणांक 180 से अधिक रहता। लॉक डाउन में प्रदूषण का गुणांक कई इलाकों में 70 से 80 फीसदी तक गिरा है। बता दें कि मोट्रियल प्रोटोकॉल (1987) समझौते के मुताबिक इस तरह के केमिकल्स के उत्पादन पर बैन लगा है। इन हानिकारक कैमिकल्स को ओजोन डिप्लीटिंग पदार्थ (ODS) कहा जाता है। इन पदार्थों की कमी की वजह से दुनिया भर में सकारात्मक वायु संचार बना है जिसका असर एंटार्टिका के ऊपर वाले वायुमंडल के हिस्से में भी हुआ है।

90 फीसदी से अधिक वाहन ठप, धुआं हुआ गायब
लॉक डाउन के कारण वाहनों का संचालन रुक गया। 90 फीसदी से अधिक वाहन नहीं चल रहे हैं। धुंआ भी नहीं हो रहा। वाहनों की आवाज भी नहीं गूंज रही। इसके साथ ही जितने भी बड़े निर्माण कार्य चल रहे थे। सभी बंद हो गए हैं। इसके असर से वायु व ध्वनि प्रदूषण में काफी गिरावट आई है। जनता कफ्र्यू के कारण पब्लिक का घरों से निकलना बंद है। वाहन भी नहीं चल रहे हैं। शहर और देहात में जो बड़े निर्माण कार्य हो रहे थे, सभी पूर्ण रूप से बंद हैं। ऐसे में वायु और ध्वनि प्रदूषण दोनों में 70 से 80 फीसदी तक गिरावट का आंकलन है। – रोहित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी बरेली, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

इस प्रकार हैं प्रदूषण के गुणांक
स्थान                    तब (1 माह पूर्व)      अब 
चौपुला                   327                      131
श्यामगंज               266                      105
आईवीआरआई        302                      102
कैंट                       153                       92
प्रभा टाकीज            249                      109
कुतुबखाना             289                       113
सेटेलाइट               180                       102
रोडवेज                  182                       97
लालफटक              364                      124
मिनीबाईपास         265                       106

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