बरेली। कोरोना से जंग में मदद के लिए शिक्षा मित्र भी आगे आ गए हैं। शिक्षा मित्रों ने एक दिन का मानदेय देने का एलान किया है। भले ही प्रदेश के शिक्षा मित्रों का मानदेय कम हो लेकिन वह संकट से जूझ रहे देश को बचाने में भागीदारी निभा रहे हैं। इससे पहले मुख़्यमंत्री सहित बड़े नेताओं ने लाखों रुपये की मदद का एलान किया लेकिन शिक्षामित्रों ने करोड़ों रुपये की मदद करके एक बेहतर मिसाल पेश की है। बता दें कि आनंद महिंद्रा की घोषणा के बाद वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने भी मदद का ऐलान किया है। अनिल अग्रवाल ने कोरोना को रोकने के लिए 100 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया। लोग महामारी से जूझ रहे देश को बचाने में जुट गए हैं।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश के शिक्षामित्रों ने अपना एक दिन का मानदेय पांच करोड़ 29 लाख रुपये देने का फैसला किया है। बेसिक शिक्षा मंत्री से बात कर यह जानकारी दे दी गई है। उनसे फरवरी का मानदेय कटौती को अधिकारियों को आदेश देने को कहा गया है। जिला महामंत्री कपिल यादव ने बताया कि बरेली के सभी शिक्षामित्र संकट की इस घड़ी में सहयोग को तैयार हैं। उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नरेश गंगवार, प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू, अरुण मिश्रा, होतम सिंह, केसी पटेल, योगेश गंगवार, हरीश गंगवार, राजीव लोचन, हरेंद्र रानू, देशराज सिंह आदि 41 शिक्षकों ने अपना एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है।

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