शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार की रात 9 बजे राजभवन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कमलनाथ की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के गिरने के कुछ दिनों बाद उन्होंने सीएम पद की शपथ ली। 61 वर्षीय शिवराज चौहान चाथी बार वहां के मुख्यमंत्री बने हैं।

शिवराज के सीएम पद की शपथ लेने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने उन्हें बधाई। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा कहा- “प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ लेने पर मै उन्हें बधाई देता हूँ। साथ ही उम्मीद करता है कि कांग्रेस सरकार द्वारा विगत 15 माह में शुरू किये गये जनहितैषी कार्यों , निर्णयों व योजनाओं को प्रदेश हित में वे आगे बढ़ाएंगे।”

इससे पहले, शाम को शिवराज को पार्टी दफ्तर में आयोजित एक बैठक के दौरान मध्य प्रदेश बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। पहली बार वह 29 नवंबर 2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद वह 12 दिसंबर 2008 में दूसरी बार सीएम बने। 8 दिसंबर 2013 को शिवराज ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी।

क्यों गिरी थी कमलनाथ सरकार?
22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। ये सभी विधायक कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे के हैँ।

कांग्रेस के बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर होते ही कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 92 हो गई है। वहीं, बीजेपी के पास कुल 107 विधायक है। 230 सदस्यों वाली विधानसभा में बागी विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कुल 24 सीट खाली हो गई है। ऐसे में फिलहाल बीजेपी के पास बहुमत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या मौजूद है।

बीजेपी में शामिल हो चुके हैं 22 विधायक
मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी 22 बागी विधायक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में दिल्ली में आज भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इन्हीं बागी विधायकों की वजह से मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार शुक्रवार को गिर गई थी।

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