फरवरी से मार्च के मध्य तक बार-बार बिगड़े मौसम के मिजाज से आलू उत्पादन का ग्राफ अबकि बिगड़ने जा रहा है। विशेषज्ञों की माने तो प्रदेश के आलू उत्पादन वाले बेल्ट में तेज बरसात के साथ-साथ गिरे ओलों की वजह से आलू का उत्पादन 10 से 12 फीसदी तक गिर सकता है। कारण काफी आलू बरसात के कारण खेतों में ही खराब हो गया जबकि आलू की खुदाई 15 से 20 दिन तक लेट हो गई। इस दौरान कोल्डस्टोरों में भण्डारित आलू में से करीब 05 से 07 प्रतिशत मांग को पूरा करने के लिए बाहर निकालना पड़ा। नतीजा भण्डारण का ग्राफ नीचे गिरा और खराब होने के साथ-साथ खुदाई में विलम्ब से उत्पादन एवं उत्पादकता भी कम होती नजर आ रही। इससे इसके दामों में भी वृद्धि हुई है।
पिछले साल मार्च के तीसरे सप्ताह में थोक बाजार में आलू के मूल्य 07 से 08 रुपये प्रति किलो था जबकि इस साल इस समय थोक बाजार में आलू का रेट 15 से 16 रुपये प्रतिकिलो है। आगरा के मिडाकुर गांव के आलू उत्पादक यदुवीर सिंह कहते हैं कि मौसम की गड़बड़ी की वजह से अबकि आलू लेट हो गया, क्वालिटी भी खराब हुई और क्वांटिटी भी कम हो गई। बकौल यदुवीर सिंह, आमतौर पर 15 मार्च तक आलू की खुदाई पूरी हो जाती थी बेढ़ब मौसम के कारण अब यह 05 अप्रैल तक चली गई। नतीजा स्टाक 20 फीसद तक कम हो गया है। उद्यान विभाग के अपर निदेशक डॉ. आर के तोमर कहते है कि उत्पादन-उत्पादकता का ग्राफ गड़बड़ाने की वजह से ही अब तक कोल्ड स्टोरों में बमुश्किल 50 से 52 प्रतिशत तक ही आलू का भण्डारण हुआ है। वे कहते हैं, अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कोल्ड स्टोरों में अभी तक 78 से 80 लाख टन आलू का खण्डारण हो सका है जबकि पिछले साल इस समय तक पूरे 100 लाख टन के करीब आलू का भण्डारण हो चुका था। डा. तोमर कहते हैं कि आलू की स्थिति गड़बड़ाने के पीछे एक कारण यह भी है कि बीते जनवरी में जब कोल्डस्टोरों से आलू की आवक कम थी तो अच्छी रेट पाने के लिए बहुत से किसानों ने समय से पहले ही अपना आलू खोसकर बेचना शुरु कर दिया।
यूपी में पैदा होने वाली आलू की किस्में : कुफरी बहार, कुफरी आनन्द, कुफरी चिप्सोना-1, 3, 4, कुफरी बादशाह, कुफरी पुखराज, कुफरी सतलज, कुफरी सूर्या, कुफरी ख्याति, कुफरी गरिमा, तथा कुफरी सिन्दूरी आदि के नाम प्रमुख हैं।
प्रदेश में आलू उत्पादन की स्थिति

यूपी में देश में पैदा होने वाले आलू का 32 से 33 प्रतिशत आलू का उत्पादन होता है।
पिछले साल प्रदेश में 147.77 लाख टन आलू का का उत्पादन हुआ था।
जबकि कोल्डस्टोरों में करीब 121 लाख टन आलू का भण्डारण हुआ था।
मौसम की खराबी के कारण अबकि आलू के उत्पादन का ग्राफ 131 से 133 लाख टन तक रहने की उम्मीद है। इसी तरह अबकि भण्डारण भी 110 से 112 लाख टन ही रहने के आसार हैं।
प्रदेश में प्रमुख आलू उत्पादक जिले : आगरा, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, बुलन्दशहर, कन्नौज, अलीगढ़, हाथरस, इटावा, कानपुर, बदायूं, बरेली, इलाहाबाद, लखनऊ, बाराबंकी, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, तथा फैजाबाद आदि।

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