बरेली। रिश्वत और वसूली के बाद पुलिस लूटपाट पर भी उतर आई। सुभाषनगर पुलिस ने एक प्रापर्टी कारोबारी की प्राइवेट गुर्गों से बाइक लुटवा दी। दो दिन तक थाना पुलिस कारोबारी को टालती रही। उसने लूट की तहरीर पुलिस को दी तो मामला खुल गया। पुलिस जब बाइक डकार नहीं पाये तो बदायूं रोड की सीसीटीवी फुटेज डिलीट करवा दी। मामले की शिकायत एडीजी अविनाश चंद्र से की गई। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और पूरे साक्ष्यों के साथ सोमवार को तलब किया है।

लाल फाटक लक्ष्मीनगर के रहने वाले अखिलेश ने बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे वह सुभाषनगर चुंगी ऐरिया से अपने घर जा रहे थे। आरोप है कि एक दरोगा उन्हें काफी देर से देख रहा था। अखिलेश जैसे ही बदायूं रोड पर लाल फाटक की ओर बढ़े। दरोगा ने उनकी बाइक रुकवा ली। कहा कि पुलिस वाले बुला रहे हैं। बाइक लेकर चलो। इसके बाद चाबी निकालने लगा। इसके बाद दरोगा डिवाइडर के कट से सड़क के दूसरी ओर खड़े होकर फोन करने लगा। कुछ ही मिनटो में एक बाइक पर दो लड़के वहां आये। उन्होंने अखिलेश से बाइक लूट ली। कहा कि बाइक सुभाषनगर थाने ले जा रहे हैं।

112 पर की थी कॉल
अखिलेश ने दोबारा घटनास्थल पहुंचकर 112 पर कॉल की तो चीता मोबाइल मौके पर पहुंची अखिलेश ने उसे घटना के बारे में बताया । अगले दिन उन्होंने इंस्पेक्टर को बाइक लूट की तहरीर दी तो उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन दिया । अखिलेश दोबारा सुभाष नगर थाना पहुंचे कहा गया कि मेरा मुकदमा दर्ज करो नहीं तो  एसएसपी, एडीजी से शिकायत करूंगा।
लावारिस में कैसे दाखिल हुई 
इंस्पेक्टर सुभाष नगर हरीश चंद्र जोशी का कहना है कि अखिलेश शराब के नशे में बाइक छोड़कर चले गए थे। थाने में बाइक लावारिस में दाखिल है। इंस्पेक्टर की बात पर यकीन कर लिया जाए तो अखिलेश ने 112 पर कॉल कि उस वक्त क्यों नहीं बताया? जब वह थाने पर गए तो क्यों नहीं बताया? जब उन्होंने पहली बार लूट की तहरीर दी तब क्यों नहीं बताया।
सीसीटीवी से होगा खुलासा
अखिलेश का आरोप है कि लूट की तहरीर देने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज डिलीट करवा दिए हैं। इससे पहले ही सीसीटीवी फुटेज अखिलेश ने अपने मोबाइल में लिए हैं। जिसमें पुलिस की करतूत साफ दिख रही है। सीसीटीवी फुटेज पुलिस के झूठ का पर्दाफाश करेगा।

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