मध्य प्रदेश में 15 दिनों से चल रही राजनीतिक सस्पेंस शुक्रवार को खत्म हो गया है और कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा है कि कमलनाथ इस साल 15 अगस्त को मुख्यमंत्री के तौर पर तिरंगा फहराएंगे।

कमलनाथ द्वारा राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ घंटों बाद एमपी कांग्रेस ने शुक्रवार शाम अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया जिसमें लिखा था इस ट्वीट को संभाल कर रखना- 15 अगस्त 2020 को कमलनाथ मप्र के मुख्यमंत्री के तौर पर ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। ये बेहद अल्प विश्राम है।

कमलनाथ ने राज्यपाल को अपने इस्तीफे में कहा था, “मैंने अपने 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में हमेशा से शुचिता की राजनीति की है और प्रजातांत्रिक मूल्यों को सदा तरजीह दिया है। मध्यप्रदेश में पिछले दो सप्ताह में जो कुछ भी हुआ, प्रजातांत्रिक अवमूल्यन का एक नया अध्याय है।”

कमलनाथ ने त्याग पत्र में आगे लिखा,“मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। साथ ही नए बनने वाले मुख्यमंत्री को मेरी शुभकामनाएं। मध्य प्रदेश के विकास में उन्हें मेरा सहयोग सदैव रहेगा।”

कमलनाथ ने इससे पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपनी सरकार द्वारा 15 माह में हासिल की गईं उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि किस तरह वह राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के समय से ही उसे गिराने की साजिश रचती रही। कमलनाथ ने फिर पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया और उसके बाद वह अपना इस्तीफा देने राजभवन पहुंचे।

गौरतलब है कि कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार शुक्रवार शाम पांच बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करे। अपराह्न दो बजे फ्लोर टेस्ट शुरू होना था, लेकिन संख्या बल अपने पक्ष में न होने पर कमलनाथ ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

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