एलआईसी ने रेग्युलेटर इरडा के निर्देश का पालन करते हुए 52 में से 45 पॉलिसियां बंद कर दीं। अब एलआईसी ने 5 नई पॉलिसियां मार्केट में उतारी हैं। बेशक इन पॉलिसियों पर अब 3ण्09 फीसदी सर्विस टैक्स लगाया गया हैए जो पॉलिसीधारकों को देना होगा। मगर सर्विस टैक्स का बोझ कम करने के लिए उसने ऐसे उपाय किए हैंए जिससे इन पॉलिसियों की प्रीमियम में बढ़ोतरी सीमित दायरे में रहे। सूत्रों के मुताबिक इन फायदों को लेकर भी प्राइवेट कंपनियां परेशान हैंए क्योंकि उनको लग रहा है कि सर्विस टैक्स देय होने के बाद भी एलआईसी की पॉलिसियों की बिक्री में कमी आने की संभावना कम है। प्राइवेट कंपनियों की लॉबी पर आरोप लग रहे हैं कि उनके दबाव के कारण ही इरडा ने एलआईसी को पॉलिसीधारकों से सर्विस टैक्स वसूलने का निर्देश जारी किया है। पहले एलआईसी खुद सर्विस टैक्स देती थी। लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में एलआईसी की हिस्सेदारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है। दिसंबर में एलआईसी को प्रीमियम के रूप में 8500 करोड़ रुपए मिले।

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