महेन्द्र सिंह धोनी को अच्छी तरह मालूम है कि दबाव के आगे किस तरह भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती है। इसलिए वह न्यूजीलैंड को हलके में नहीं ले रहे हैं। अपनी टीम के साथ न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हो गए हैं। न्यूजीलैंड में टीम इंडिया की कड़ी परीक्षा होने वाली हैण् भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान को इस चुनौती का बखूबी एहसास हैण् वैसे धोनी चाहते भी नहीं हैं कि उनके खिलाडिय़ों को केकवॉक मिलेा् उन्होंने उम्मीद जताई की टीम को न्यूजीलैंड से अच्छी टक्कर मिलेगी और नए खिलाडिय़ों को वहां के ग्राउंडस और पिचों को समझने में मदद मिलेगीण्
न्यूजीलैंड रवाना होने से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी ने कहा कि श्जहां तक अनुभव का सवाल हैए अगला विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आयोजित किया जाना है इसलिए ज्यादातर खिलाडिय़ों को विकेट का एहसास हो जाएगाण् जब मैं पहली बार न्यूजीलैंड गया थाए फील्डिंग पोजिशन काफी भ्रामक थी और वहां के मैदान का आकार भी बहुत असामान्य हैण्श्
उन्होंने कहा कि हमें फाइन लेग बहुत गहरा रखना पड़ा था और विकेटकीपिंग कोण से यह स्क्वायर लेग दिख रहा था और ऐसे में सामंजस्य बिठाने में समय लगता हैण् हालांकि धोनी ने आशा जताई की ये दौरा अच्छा और रोमांचक रहेगाण् भारतीय कप्तान का मानना है कि उनकी टीम में काफी प्रतिभाएं हैं और कई नए खिलाड़ी हैं जो अच्छा कर रहे हैंधोनी का मानना है कि वल्र्ड कप की टीम कड़ी और बड़ी लड़ाइयां जीतकर ही बनाई जा सकती हैण् रही बात टेस्ट की तो टीम इंडिया को वहां दक्षिण अफ्रीका जैसी परेशानी नहीं आनी चाहिएण् न्यूजीलैंड की टीम वनडे और टी.20 में ताकतवर हैए लेकिन टेस्ट में अब भी वो भारत से मीलों पीछे हैण् जाहिर है इस फॉर्मेट में मनोवैज्ञानिक बढ़त भारत के पास होगीण् दूसरी बात ये भी है कि टेस्ट से पहले पांच वनडे और एक टी.20 होना है इसलिए खिलाडिय़ों के पास पिच और परिस्थितियों को समझने का पूरा मौका भी होगाण्dhoni

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