किसी समय हॉकी में दुनिया में धाक जमाने वाली हॉकी में भारत फिसड्डïी साबित होता जा रहा है। मेजबान भारत को हीरो हॉकी वल्र्ड लीग फाइनल में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। शुक्रवार को इंग्लैंड के हाथों शिकस्त झेलने वाली सरदार सिंह की टीम को शनिवार को न्यू जीलैंड ने 3.1 से हराया। इस टूर्नामेंट में भारत का खाता खुलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं क्योंकि उसका अगला मैच जर्मनी के साथ सोमवार को है। जर्मनी वल्र्ड की सर्वोच्च वरीय टीम है। जर्मनी को हालांकि शनिवार को इंग्लैंड ने पटखनी दी लेकिन पूरी तरह बिखरी हुई भारतीय टीम ऐसा कर पाएगीए इसकी उम्मीद न के बराबर नजर आती है। बहरहालए मेजर ध्यानचंद नैशनल स्टेडियम में खेले गए ग्रुप.ए के अपने दूसरे मैच में वल्र्ड की 10वीं वरीय टीम भारत से जोरदार खेल की उम्मीद की जा रही थी लेकिन न्यू जीलैंड ने उसकी सारी रणनीति को बेकार साबित करते हुए एकतरफा जीत हासिल की। वल्र्ड की सातवीं वरीय कीवी टीम ने पहलेए 40वें और 60वें मिनट में गोल किए। मध्यांतर तक यह टीम 1.0 से आगे थी। जर्मनी के खिलाफ अपने पहले मैच में 1.6 से करारी शिकस्त खाने वाली न्यू जीलैंड टीम ने अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया। उसके लिए स्टीफन जेनेस ने 40वें और 50वें मिनट में शानदार फील्ड गोल किए। उसका पहला गोल शिया मैक्लीस ने पहले मिनट में किया था। यह एक फील्ड गोल था। भारत के लिए एकमात्र गोल 88वें मिनट में मंदीप सिंह ने किया। भारत को इस मैच में दो पेनाल्टी कॉर्नर मिले। वह उनका फायदा नहीं उठा सका। दूसरी ओरए कीवियों को एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला।इससे साफ है कि इंग्लैंड के खिलाफ लचर खेल दिखाने वाली भारतीय रक्षापंक्ति ने सुधरा हुआ खेल दिखाया लेकिन अग्रिम पंक्ति के बीच तालमेल अब तक नहीं बन सका है। इतने अहम टूर्नामेंट के दो मुकाबलों में भारतीय अग्रिम पंक्ति लयहीन और प्रभावहीन दिखी। यह टीम की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। इस हार ने भारत के टूर्नामेंट मे आगे बढऩे की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया है। भारत को इस टूर्नामेंट में मेजबान होने के नाते हिस्सेदारी का हक मिला था। उसने हॉकी वल्र्ड लीग फाइनल में खेलने का अधिकार स्वतरू नहीं हासिल किया है। वह राटर्डम में आयोडित हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल में छठे क्रम पर रहा था।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.