gangwaआदमी चाहे कितनी भी ऊंचाई छू ले पर वह अपनी जड़ों को कभी नहीं छोड़ता। उसे अपनी माटी से बहुत प्यार होता है। हरियाणा के हिसार जिले के ब्लॉक-1 में एक गांव ऐसा है जहां लोग अपने गांव का नाम बड़े गर्व के साथ अपने नाम के आगे जोड़ते हैं। यहां के सांसद, खिलाड़ी, डॉक्टर व इंजीनियर सब अपने गांव गंगवा पर गर्व करते हैं। इस गांव में स्वीमिंग पुल है। अधिकतर लोगों के पास चार पहिया वाहन है। इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाता है। यहां लडक़ी पैदा होने पर खुशियां मनाई जाती हैं। लड़कियों के जन्म पर जलवा पूजन किया जाता है।
गुडग़ांव में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके गंगवा गांव के संदीप ने अपने गांव का नक्शा बदलने की ठान ली। उसने अपनी कम्प्यूटर की पढ़ाई का इस्तेमाल गांव की तरक्की के लिए किया। इसके लिए संदीप ने डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन नाम की संस्था से सम्पर्क किया और गंगवा ग्राम पंचायत को ऑनलाइन करने की ठानी। इसके लिए ग्राम सरपंच सुरती देवी से सम्पर्क किया तो वह इसके लिए तैयार हो गईं। ग्राम पंचायत में पंचायत को ऑन लाइन बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। ग्राम पंचायत को हाईटेक बनाने के लिए वाकायदा एक टीम गठित की गई जिसका नेतृत्व संदीप को सौंपा गया। संदीप की उम्मीदों को मानो पंख लग गए। गंगवा ग्राम पंचायत ऑनलाइन होने से प्रदेश ही नहीं देश के नक्शे में चमक गया है। ग्राम पंचायत गंगवा की वेबसाइट 222.द्दड्डठ्ठद्द2ड्ड.द्गश्चड्डठ्ठष्द्धड्ड4ड्डह्ल.द्बठ्ठ में बहुत कुछ है। इतिहास है गर्व करने लायक और गंगवा के बारे में नवीनतम जानकारी है। इसके अलावा गंगवा के प्रमुख लोगों के बारे में जानकारी है कितनी आबाद है और देखने योग्य कौन कौन से मंदिर या पर्यटन स्थल है यह सब भी इस पोर्टल पर मौजूद है। गंगवा ग्राम पंचायत को ऑनलाइन करने में इतना ही नहीं इसमें कमेंट बॉक्स भी है जिसमें लोग अपनी सुझाव व शिकायत दे सकते हैं। इस गांव में लड़कियों ने शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। उनके जन्म लेने पर उत्सव का माहौल रहता है। उसे जलवा पूजन कहते हैं। ग्राम पंचायत गंगवा की सरपंच सुरती देवी खुद एक महिला हैं और गर्व से कहती हैं कि गंगवा की लड़कियां गंगवा का नाम रौशन कर रही हैं। राज्य सभा सांसद रणबीर सिंह भी अपने नाम के आगे गंगवा लगाने पर फूले नहीं समाते और गंगवा के हर छोटे बड़े सेमिनार और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।
गंगवा गांव का इतिहास पुराना है। यह गांव हरियाणा में हिसार जिले के ब्लॉक नम्बर-1 में स्थित है। इसकी स्थापना के बारे में स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस गांव का नाम बहुत पहले आला ग्राम हुआ करता था। 1815 में इस गांव की स्थापना हुंदा राम, गूंगा चाचा और इन्दा राम भतीजा द्वारा की गई थी। ये दोनों चाचा और भतीजा राजस्थान के कलायत से 12 किलो मीटर दक्षिण दिशा से आये थे। गांव का इतिहास जानने के लिए गांव वालों ने माडर्न गंगवा नाम की पत्रिका का प्रकाशन कर एक और पहल की। पत्रिका में कई परिवारों की वंशावली दी गई है। इस गांव में पंच पीर रामदेव मंदिर डेरा सच्चा सौदा आदि। गांव की सभी गलियां इंटरलॉकिंग ईटों से पक्की बनी हैं।
गांव की सडक़ें हमेशा जगमगाती हैं क्योंकि हर गली में सोलर स्ट्रीट लाइट लगी है। पानी के लिए विशाल जल घर बना है। इस गांव के लोग कृषि और दुग्ध व्यवसाय का कार्य करते हैं। आर्थिक रूप से सम्पन्न है यह गांव। आधे से भी अधिक घरों में चार पहिया वाहन और लगभग सभी घरों में चार पहिया वाहन है। गड़रिये लोहारों की गाड़ी देश में सिर्फ गंगवा में ही बनायीं जाती है। इसे सुथार जाति के लोग बनाते है। इस रास्ते पर चलकर दूसरे गांव भी सफल हो सकते हैं।

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