डगमगाती- सी अर्थव्यवस्था के बीच नए दशक का पहला आर्थिक बजट, 1 फरवरी 2020 को संसद में पेश किया गया। वित्त मंत्री माननीय निर्मला सीतारमण जी के लगातार 2 घंटे 40 मिनट तक बजट प्रस्ताव पेश किया। 2022 में नये भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से बजट में अनेक छोटे-बड़े कदम उठाने की घोषणा की गई है। रोजगार भी इनमें से एक अहम मुद्दा है निर्मला सीतारमण जी के एक कथन के अनुसार उन्होंने बजट पेश ही को इतना लंबा होने का यह कारण दिया है कि इस बार रोजगार से जुड़ी अनेकों योजनाओं पर कार्य होना है उनके कथन अनुसार “बजट भाषण इसलिए लंबा था क्योंकि इसमें मैंने युवाओं को रोजगार देने वाली योजना पर बोला”

विजन और एक्शन का अजेंडा लिए बजट 2022 में युवाओं के रोजगार से जुड़ी अनेकों बातें कही गई है अभी की पहुंच में उच्च शिक्षा को उपलब्ध कराने के प्रयासों की घोषणा की गई है शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है शहरी स्थानीय समुदाय में नए इंजीनियरों की अप्रेंटिस के रूप में नियुक्ति का भी दावा सराहनीय है।

बेरोजगारी उन समस्याओं में से मुख्य हैं जिन पर विपक्ष हमेशा तत्कालीन सरकार पर छींटाकशी करता है ऐसे में 2020 के इस बजट में बेरोजगारी एवं रोजगार को महत्व देना अत्यंत आवश्यक था। बेरोजगारी में 6.1 बेरोजगारी दर के साथ भारत की उन्नति में बाधाएं निश्चित हैं। ऐसी स्थिति में रोजगार पर कदमों की रफ्तार बढ़ाना एक सकारात्मक परिणाम लाने में कारगर है।

बजट 2020 में युवाओं को बेरोजगारी के जंजाल से निकालने हेतु अनेक कदम उठाए जाने की बात की गई है सर्वप्रथम नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार लाने का सरकारी एवं सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों में अराजपत्रित कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाए जाने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी यानी एन आर ए का निर्माण होना है।शिक्षा और उसमें कौशल निर्माण के साथ सरकार ने मानविकी विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्रों के रोजगार के अनेक नए मार्ग खोलने की बात रखी है बजट में रोजगार परक प्रशिक्षण देने की नई योजना की घोषणा की गई है इसके लिए करीब 150 उच्च शिक्षा संस्थानों में विशेष डिग्री वह डिप्लोमा कोर्स आरंभ किए जाएंगे तथा इसके साथ ही उद्योगों से साझेदारी कर अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम को जोड़ा जाएगा, जिसके तहत विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ मासिक सैलरी भी मिलेगी।
इंजीनियरिंग छात्रों के लिए स्थानीय संस्था में नई इंजीनियरों को एक साथ इंटर्नशिप का मौका मिलेगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट के साथ 2025 तक करीब चार करोड़ बेहतर सैलरी वाली नौकरियां उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। कौशल विकास योजना मैं भी उचित रखरखाव में बेहतरी के कदम लिए जाएंगे इसके अतिरिक्त देश की ऐतिहासिक विरासत वह धरोहर की बिगड़ती स्थिति को संभालने हेतु इस क्षेत्र में युवाओं को रोजगार प्रदान करने की योजना एक पंथ दो काज की कहावत का बेहतरीन उदाहरण बन सकती है इसके लिए संस्कृति मंत्रालय के तहत नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेरिटेज एंड कंसखेशन बनाया जाएगा, जिससे धरोहर को सुरक्षित करने के साथ-साथ रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

कौशल विकास एवं शिक्षा में बेहतरी हेतु विदेश से प्रशिक्षण देने का भी नक्शा बजट 2020 प्रस्तुत करता है जिसमें छात्रों को विदेशों में रोजगार तथा प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उचित कदम लिए जाएंगे वित्त मंत्री के अनुसार विदेशों में शिक्षकों, नर्सों, और पैरा- मेडिकल स्टाफ और देखभाल करने वालों की भारी मांग है।
उनके अनुसार इतनी भारी मांग के बावजूद भारतीय युवा इसका लाभ नहीं उठा पाते क्योंकि वे उन मानकों को पूरा करने में असक्षम होते हैं जिनकी वह मांग है इसलिए आवश्यकता है प्रशिक्षण की ताकि विदेश में रोजगार के अवसर का लाभ उठाया जा सके।

बजट में इसी उद्देश्य से ब्रिज कोर्स तैयार करने का प्रस्ताव है बजट 2020 में रोजगार के अनेकों अफसरों की बात की है साथ ही उनके लागू होने के फायदे भी गिनाए गए हैं परंतु असल भेजे तभी होगी जब यह सभी योजनाएं तथा घोषणा प्रयोग में लाई जाएं वित्त वर्ष की शुरुआत एक सकारात्मक रूप से हो और इन योजनाओं का उचित फल अंत तक सामने आए मात्र यही आशा की जा सकती है।

मानसी यादव
छात्रा बी. ए द्वितीय वर्ष
लखनऊ विश्वविद्यालय

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.