लखनऊ – नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर लखनऊ और यूपी के अन्य जिलों में प्रदर्शन कर रहे 950 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। लखनऊ, वाराणसी और इटावा में दर्ज हुई 6 एफआईआर में 950 प्रदर्शनकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि सीएए और एनआरसी को लेकर यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शन पर सख्त तेवर दिखाते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद से यूपी पुलिस का इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐक्शन तेज है।

6 में से 4 एफआईआर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने के अलावा दंगों की धारा भी लगाई है। प्रयागराज और कानपुर में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन होने की वजह से दोनों शहरों में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। लखनऊ में चार और इटावा-वाराणसी में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई है।
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वाराणसी के चौक पुलिस थाने के बेनियाबाग इलाके में सीएए-एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का प्रयोग किया। इसमें 6 लोग गिरफ्तार हुए जबकि 25 के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज हुई। एएसपी (सिटी) वाराणसी डीके सिंह ने बताया कि 25 लोगों के खिलाफ दंगे, धारा 144 का उल्लंघन, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने की धाराओं पर एफआईआर दर्ज हुई है।

एसीपी (पूर्वी जोन) अमित कुमार ने बताया, ‘पुलिस ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया गया कि 144 लगी है लेकिन वे फिर भी वहां अड़ी रहीं।’ एसीपी ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वाराणसी की तरह यहां भी बल का सहारा लिया जाएगा। लखनऊ के चौक इलाके स्थित हुसैनगंज घंटाघर में जारी प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने पिछले हफ्ते 290 लोगों के खिलाफ 3 एफआईआर दर्ज की थी।

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