दिल्ली – शाहीन बाग में महिलाओं का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरने लगा है। लेकिन प्रदर्शन में शामिल वॉलंटियर्स को एक खौफ अंदर से परेशान कर रहा है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुछ वॉलंटियर्स का कहना है कि दिल्ली पुलिस के सहारे सरकार कभी भी सड़क बंद होने से जनता को हो रही परेशानी का हवाला देकर प्रदर्शन स्थल से उठा सकती है। बताते हैं इसका जाल बुना जा रहा है और फरवरी के पहले सप्ताह में इसे अंजाम दिया जा सकता है।

एक वॉलंटियर ने बताया कि दिल्ली पुलिस की भाषा बदल रही है, जबकि प्रदर्शन पूरी तरह से सहयोगात्मक, अहिंसात्मक और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। प्रदर्शन में महिलाएं, बच्चेा शाामिल हैं। एक अन्य वॉलंटियर का कहना है कि हम तो केवल इतनी सी मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या केंद्र सरकार का वरिष्ठ जिम्मेदार मंत्री यहां आकर भरोसा दिलाए और कह दे कि भारत में रहने वाले सभी भारतीय हैं और नागरिकता पर कोई खतरा नहीं है।

वॉलंटियर्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से भाजपा नेताओं के सुर बदल रहे हैं। जिसमें हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ का दिया वह बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाएं और बच्चे चौराहे पर बैठे और पुरुष रजाई में। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेगी। वहीं दिल्ली से भाजपा के उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने बयान दिया था कि आठ फरवरी को सड़कों पर भारत-पाकिस्तान के बीच मैच होगा, जिसे भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन भी दिया। वहीं दिल्ली के चुनाव में प्रचार अभियान में हिन्दू और मुसलमान में बंटवारा कर वोट ध्रुवीकरण के जरिए नफरत को हवा देने की कोशिशें की जा रही हैं।

रिपोर्ट – एजेंसी इनपुट

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