लखनऊ– उत्‍तर प्रदेश में पहली बार होने वाली कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) के इंडिया रीजन के सातवें सम्मेलन का गुरुवार को उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि संसदीय गरिमा का पालन करते हुए जनप्रतिनिधियों को समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुधार करने का प्रयास करना चाहिए। भारतीय संसदीय व्यवस्था प्राचीन व सम्पन्न रहीं हैं।

झमाझम बारिश के बीच उत्‍तर प्रदेश में पहली बार होने वाली कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) के इंडिया रीजन की कांफ्रेंस शुरू हुई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत सभी सीपीए कांफ्रेंस के सभी प्रतिनिधि मौजूद रहे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दीप जलाकर सातवें सम्मेलन का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीपीए ने लोकतंत्र को सुसाध्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारतीय लोकतंत्र की भावना राष्ट्रमंडल की भावना के अनुरूप है। भारत राष्ट्रमंडल की सराहना करता है। हमारे संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र की जिम्मेदारी बचाये रखने कि जिम्मेदारी सौंपी है, इसलिए हमें अपनी भूमिका निभानी होगी। एकता और अखंडता की हम आज भी रक्षा कर रहे हैं।

इस दौरान स्वागत भाषण में विधान सभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने कहा कि इस सम्मेलन से ठोस निष्कर्ष निकलेंगे, जिनसे लोकतंत्र और मजबूत होगा। सरकार तभी काम कर सकती है जब सदन बाधित न हो। सदन बाधित होने से जनता की भावनाएं भी आहत होती हैं। नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी ने विपक्ष की भूमिका को प्रभावी बनाने पर बल दिया।

दो दिन चलने वाली कांफ्रेंस में जनप्रतिनिधियों की कार्यकुशलता वृद्धि और सदन की बैठकों का स्तर बेहतर बनाने पर चर्चा होगी। इसमें भाग लेने के लिए आस्ट्रेलिया और मलेशिया के पर्यवेक्षकों के अलावा विभिन्न प्रदेशों के सौ से अधिक प्रतिनिधि लखनऊ पहुंच चुके हैं। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन उद्घाटन सत्र में विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे। करीब दो घंटे चलने वाले कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष स्वागत भाषण और विधान परिषद के सभापति रमेश यादव धन्यवाद देंगे। नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी, बसपा के दल नेता रितेश पाण्डेय समेत कई संसद सदस्य, विधानमंडल के वर्तमान व पूर्व सदस्य शामिल होंगे। विधानसभा मंडप में आहूत कार्यक्रम का समापन 17 जनवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।

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