दिल्ली –  एक अप्रैल से शुरू होने जा रहे जनगणना के एक चरण के दौरान अधिकारी घर के मुखिया के मोबाइल नंबर, शौचालय के बारे में जानकारी, टीवी, इंटरनेट, निजी वाहनों, पेयजल के स्रोतों सहित विभिन्न जानकारियां मांगेंगे। रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त ने एक अधिसूचना में कहा कि जनगणना अधिकारियों को 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक निर्धारित हाउसलिस्टिंग एंड हाउजिंग सेंसस के दौरान हर घर से जानकारी एकत्र करने के लिए 31 प्रश्न पूछने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि अधिसूचना में स्पष्ट कर दिया गया है कि मोबाइल नंबर केवल जनगणना से संबंधित संचार के लिए मांगा जाएगा और किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं। हर घर से मांगी जाने वाली अन्य जानकारी इस प्रकार है: क्या परिवार के पास टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप या वैन, रेडियो या ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, लैपटॉप या कंप्यूटर है या इंटरनेट तक पहुंच है।

बता दें कि कैबिनेट ने जनगणना के लिए 8,754.23 करोड़ के खर्च को मंजूर किया है। नैशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर के लिए 3,941.35 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। 1 अप्रैल 2020 से जनगणना शुरू की जाएगी और सितंबर तक चलेगी। ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ब्रिटिश काल से चली आ रही जनगणना के बजाय अब तकनीक से जनगणना की जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को मंजूरी दी गई है।

रिपोर्ट – एजेंसी इनपुट

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